More
    HomeHindi NewsEntertainment'एक्यूज्ड' OTT में रिलीज, सस्पेंस और थ्रिलर फिल्म की यह है कहानी

    ‘एक्यूज्ड’ OTT में रिलीज, सस्पेंस और थ्रिलर फिल्म की यह है कहानी

    ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म पर हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘एक्यूज़्ड’ (Accused) एक ऐसी कहानी पेश करती है जो पितृसत्ता, कानून और न्याय के बीच की धुंधली रेखाओं को टटोलती है। हालांकि, फिल्म के कलाकार अपनी परफॉर्मेंस से जान फूंकने की कोशिश करते हैं, लेकिन फिल्म का लेखन इसे शिखर तक ले जाने में विफल रहता है।

    यहाँ इस फिल्म का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है:

    कहानी का सारांश

    फिल्म एक ऐसी महिला (कोंकणा सेन शर्मा) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक गंभीर आरोप के जाल में फंसी है। उसकी वकील (प्रतिभा रांटा) इस केस को हाथ में लेती है। फिल्म का मुख्य संघर्ष यह है कि क्या वह महिला वास्तव में पीड़ित है या एक शातिर अपराधी? कहानी में कई परतों को उधेड़ने की कोशिश की गई है, जहाँ समाज की संकुचित सोच और महिलाओं के प्रति नजरिया साफ दिखाई देता है।


    अभिनय: फिल्म की जान

    इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टार कास्ट है:

    • कोंकणा सेन शर्मा: कोंकणा एक ऐसी अभिनेत्री हैं जो खामोशी से भी बहुत कुछ कह जाती हैं। इस फिल्म में उन्होंने एक जटिल किरदार को बखूबी निभाया है। उनके चेहरे के भाव और सधा हुआ अभिनय दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है।
    • प्रतिभा रांटा: ‘लापता लेडीज’ से अपनी पहचान बनाने वाली प्रतिभा रांटा ने यहाँ एक युवा और महत्वाकांक्षी वकील के रूप में शानदार प्रदर्शन किया है। कोंकणा जैसी दिग्गज अभिनेत्री के सामने उनकी स्क्रीन प्रेजेंस प्रभावशाली है।

    कमजोर कड़ियाँ: स्क्रीनप्ले और क्लाइमैक्स

    जहाँ अभिनय ने फिल्म को थामे रखा, वहीं इसके तकनीकी और रचनात्मक पहलू निराश करते हैं:

    1. धीमा स्क्रीनप्ले: फिल्म की गति काफी धीमी है। कई दृश्य अनावश्यक रूप से लंबे खींचे गए हैं, जिससे दर्शक की दिलचस्पी कम होने लगती है।
    2. कमजोर क्लाइमैक्स: एक ‘कोर्ट-रूम ड्रामा’ या ‘क्राइम थ्रिलर’ की सफलता उसके अंत पर निर्भर करती है। ‘एक्यूज़्ड’ का क्लाइमैक्स बहुत ही फीका और अनुमानित (predictable) है। जिस रहस्य को फिल्म शुरू से बुनती है, उसका समाधान बहुत ही साधारण तरीके से किया गया है।
    3. उबाऊ निर्देशन: कहानी में तनाव (tension) पैदा करने की गुंजाइश थी, लेकिन निर्देशन की कमी की वजह से वह गहराई नहीं उभर पाई।

    ‘एक्यूज़्ड’ एक ऐसी फिल्म है जिसे सिर्फ शानदार अभिनय के लिए एक बार देखा जा सकता है। कोंकणा और प्रतिभा की जुगलबंदी ने एक औसत दर्जे की स्क्रिप्ट को संभालने की पूरी कोशिश की है। अगर आपको धीमी गति के ड्रामे पसंद हैं और आप अभिनय के मुरीद हैं, तो यह फिल्म आपके लिए है। लेकिन अगर आप एक रोमांचक और चौंका देने वाले क्लाइमैक्स की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह आपको निराश कर सकती है।

    रेटिंग: 2.5 / 5

    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments