बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी आज, 15 अप्रैल 2026 को बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। पटना के लोक भवन में आयोजित होने वाले इस समारोह में राज्यपाल उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
यह बदलाव नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद हुआ है, जो हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही बिहार में पहली बार भाजपा का अपना मुख्यमंत्री होगा।
सत्ता का नया समीकरण: 2 डिप्टी सीएम जेडीयू से
इस नई सरकार में गठबंधन का स्वरूप भी बदला हुआ नजर आएगा। अब तक चली आ रही परंपरा के उलट, इस बार जेडीयू (JDU) के खाते में दो उपमुख्यमंत्री पद जा सकते हैं।
- नेतृत्व: भाजपा (सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री)
- सहयोगी: जेडीयू (दो उपमुख्यमंत्री)
यह सत्ता संतुलन एनडीए के भीतर बदलते समीकरणों को दर्शाता है, जहाँ भाजपा अब “बड़े भाई” की भूमिका में मजबूती से उभरी है।
कौन हैं सम्राट चौधरी?
सम्राट चौधरी बिहार राजनीति का एक प्रमुख चेहरा हैं। वह पूर्व में बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वह बिहार के कद्दावर नेता शकुनी चौधरी के पुत्र हैं और कुशवाहा समाज (OBC) के एक बड़े नेता माने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजद से की थी, बाद में जेडीयू में रहे और 2018 में भाजपा में शामिल हुए।
नीतीश कुमार का इस्तीफा क्यों?
नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया। उनके इस्तीफे का मुख्य कारण उनका राज्यसभा जाना है। मार्च में वे निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए थे और 10 अप्रैल को उन्होंने सांसद के रूप में शपथ ली। संवैधानिक नियमों के अनुसार, वे एक साथ राज्य विधानमंडल और संसद दोनों के सदस्य नहीं रह सकते थे, जिसके कारण उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने का निर्णय लिया।
आगे की राह
सम्राट चौधरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2025 के विधानसभा चुनावों के बाद बनी इस सरकार को स्थिरता देना और विकास कार्यों को गति देना होगा। आज सुबह 11:00 बजे शपथ ग्रहण समारोह में कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।


