गुजरात के गांधीनगर नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत के बाद भारतीय राजनीति में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बहस तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी नतीजों का हवाला देकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गुजरात में कांग्रेस की लगातार चुनावी हार के लिए भी SIR को जिम्मेदार ठहराया जाएगा? इसके जवाब में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शाह से तीन सवाल पूछे और आरोप लगाया कि घुसपैठ का मुद्दा उठाकर देश का ध्यान वास्तविक समस्याओं से भटकाया जा रहा है।
गांधीनगर में BJP को 44 में से 38 सीटें
गांधीनगर नगर निगम चुनाव के नतीजों में भाजपा ने 44 में से 38 सीटें जीतकर अपना दबदबा कायम रखा। कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं, जबकि एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। आम आदमी पार्टी (AAP) इस बार खाता नहीं खोल सकी। वर्ष 2021 के पिछले चुनाव में भाजपा ने 41 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को दो और आप को एक सीट मिली थी।
अमित शाह ने इन नतीजों को भाजपा के समर्थन का संकेत बताते हुए कांग्रेस से आत्ममंथन करने को कहा। उन्होंने गुजरात के अलावा राजस्थान और त्रिपुरा के स्थानीय निकाय चुनावों के आंकड़ों का भी उल्लेख किया। शाह ने दावा किया कि कांग्रेस लगातार चुनावी हार के बावजूद अपनी कमियों पर विचार करने के बजाय दूसरे मुद्दों को जिम्मेदार ठहरा रही है।
गृह मंत्री ने राहुल गांधी पर SIR के विरोध के बहाने कथित घुसपैठियों को बचाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने 2029 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की जीत का भरोसा जताया। ये शाह के राजनीतिक दावे हैं, भविष्य के चुनाव के परिणाम नहीं।
जयराम रमेश ने अमित शाह से पूछे तीन सवाल
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 14 अक्टूबर को सोशल मीडिया मंच एक्स पर गृह मंत्री अमित शाह से SIR के नतीजों को लेकर तीन सीधे सवाल किए। उन्होंने पूछा कि इस प्रक्रिया के दौरान कितने कथित घुसपैठियों की पहचान की गई, कितने लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए और कितने लोगों को देश से बाहर भेजा गया।
कितने घुसपैठियों की पहचान हुई?
जयराम रमेश ने पूछा कि सरकार ने SIR के दौरान कितने कथित अवैध विदेशी मतदाताओं का पता लगाया। कितने नाम मतदाता सूची से हटाए गए? कांग्रेस ने पूछा कि घुसपैठिया बताए गए कितने लोगों के नाम वास्तव में वोटर लिस्ट से हटाए गए। कितने लोगों को निर्वासित किया गया? पार्टी ने सरकार से ऐसे लोगों की संख्या सार्वजनिक करने की मांग की, जिन्हें देश से बाहर भेजा गया।
जयराम रमेश ने कहा कि करीब 100 करोड़ भारतीय SIR प्रक्रिया से गुजरे हैं और उन्हें इसके नतीजों की जानकारी मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर उठ रहे सवालों से ध्यान भटका रही है। रमेश ने दावा किया कि इस प्रक्रिया में करीब 14 करोड़ भारतीयों के मतदान अधिकार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार इन सभी लोगों को घुसपैठिया मानती है। हालांकि, 14 करोड़ लोगों के मतदान अधिकार छिनने और नाम हटाए जाने से जुड़े उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
SIR पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची की जांच और उसे अपडेट करना है। निर्वाचन प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं की पहचान और अपात्र नामों को हटाना महत्वपूर्ण है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि मतदाता सूची में शामिल होने के लिए भारतीय नागरिक होना और निर्धारित न्यूनतम आयु पूरी करना जरूरी है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह कथित घुसपैठियों के नाम हटाने की प्रक्रिया का विरोध कर रहा है।
इसके उलट, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR पर रोक लगाने की मांग भी की है।
चुनावी जीत से शुरू हुई बहस अब वोटर लिस्ट तक पहुंची
गांधीनगर में भाजपा की जीत के बाद अमित शाह ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति और राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए। वहीं, जयराम रमेश ने चुनावी नतीजों से अलग हटकर सरकार से SIR के ठोस आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की।
इस तरह भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद दो प्रमुख सवालों पर केंद्रित हो गया है—चुनावी हार-जीत के लिए राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी और मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और निर्वाचन आयोग SIR के तहत पहचाने गए लोगों, हटाए गए नामों तथा निर्वासन से जुड़े आंकड़ों पर क्या जानकारी देते हैं।


