कुणाल खेमू एक बार फिर निर्देशन की कमान संभालते हुए फिल्म ‘वाइब’ लेकर आए हैं। इस बार उनके साथ स्पर्श श्रीवास्तव और प्रीति जिंटा नजर आ रहे हैं। 18 सितंबर 2026 को रिलीज हुई यह फिल्म कॉमेडी, एक्शन और स्पाई मिशन का मिश्रण है। करीब 2 घंटे 26 मिनट की इस फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट मिला है।
दो दोस्तों की कहानी है ‘वाइब’
फिल्म की कहानी हार्दिक शर्मा यानी कुणाल खेमू और उसके दोस्त भागीरथ उर्फ बग्स यानी स्पर्श श्रीवास्तव के इर्द-गिर्द घूमती है। हार्दिक रिहैब से लौटने के बाद अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है। बग्स उसे अपनी कंपनी में नौकरी दिलाता है। इसी बीच हार्दिक की मुलाकात करीना से होती है और दोनों के बीच आकर्षण पैदा होता है।
कहानी तब अचानक मोड़ लेती है, जब हार्दिक और बग्स एक ऐसे मिशन में फंस जाते हैं जिसका संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा से है। प्रीति जिंटा यहां मैडम एच के किरदार में हैं, जो दोनों को एक खतरनाक मिशन के लिए तैयार करती हैं। इसके बाद दो आम दोस्तों की जिंदगी जासूसी, अपराध और एक बड़े खतरे के बीच उलझ जाती है।
कुणाल-स्पर्श की केमिस्ट्री सबसे बड़ी ताकत
फिल्म में कुणाल खेमू की कॉमिक टाइमिंग एक बार फिर देखने को मिलती है। हार्दिक के किरदार में वह शरारती, बेपरवाह और कई बार बेवकूफी भरे फैसले लेने वाला शख्स नजर आते हैं। उनके संवाद और वन-लाइनर्स कई जगह हंसी पैदा करते हैं।
स्पर्श श्रीवास्तव बग्स के किरदार में कुणाल का अच्छा साथ देते हैं। दोनों की दोस्ती और आपसी नोकझोंक फिल्म के कॉमेडी हिस्से को मजबूत बनाती है। खासतौर पर पहले हाफ में दोनों की केमिस्ट्री और परिस्थितिजन्य हास्य फिल्म को गति देते हैं।
प्रीति जिंटा का अलग अंदाज
प्रीति जिंटा ने मैडम एच का किरदार निभाया है। उनका रोल फिल्म में दोनों दोस्तों के बिल्कुल उलट है। जहां हार्दिक और बग्स लगातार हास्यास्पद परिस्थितियों में फंसते हैं, वहीं मैडम एच गंभीर और नियंत्रित अंदाज में मिशन को आगे बढ़ाती हैं। यही विरोधाभास कई दृश्यों में हास्य पैदा करता है। प्रीति को फिल्म में एक्शन का मौका भी मिला है।
पहला हाफ ज्यादा मजेदार, दूसरे हिस्से में कहानी उलझती है
‘वाइब’ का पहला हिस्सा इसके सबसे मजबूत हिस्सों में दिखाई देता है। संवाद, तेज रफ्तार और दोनों दोस्तों की अजीबोगरीब हरकतें लगातार मनोरंजन करती हैं। लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म का टोन बदल जाता है। जासूसी मिशन, गैंगस्टर की पहचान, सीक्रेट प्लॉट और दूसरे ट्विस्ट कहानी को थोड़ा ज्यादा जटिल बना देते हैं।
इसके बावजूद फिल्म पूरी तरह अपनी कॉमिक ऊर्जा नहीं खोती। कुणाल खेमू का अभिनय, स्पर्श श्रीवास्तव की टाइमिंग और कई मजेदार सीन फिल्म को संभाले रखते हैं। संगीत और बैकग्राउंड स्कोर भी फिल्म के एक्शन-कॉमेडी माहौल के साथ चलते हैं।
कैसी है फिल्म?
अगर आपको हल्की-फुल्की कॉमेडी के साथ स्पाई मिशन वाली फिल्में पसंद हैं, तो ‘वाइब’ में मनोरंजन के लिए काफी कुछ है। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत कुणाल और स्पर्श की जोड़ी है। हालांकि कहानी का दूसरा हिस्सा पहले हाफ जैसी सहजता बरकरार नहीं रख पाता। कुल मिलाकर, ‘वाइब’ एक ऐसी कॉमेडी है जो अपने किरदारों और मजेदार पलों के दम पर दर्शकों को जोड़े रखने की कोशिश करती है।


