नई दिल्ली के यशोभूमि में गुरुवार को Semicon India 2026 के पांचवें संस्करण की शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दिवसीय सम्मेलन और प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस बार कार्यक्रम की थीम ‘Silicon to Systems: Building the Ecosystem’ रखी गई है। आयोजन में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से जुड़ी 600 से अधिक कंपनियां और 52 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
‘भारत पर दुनिया का भरोसा बढ़ा’
उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा अब दूसरे चरण में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने कहा कि देश ने बीते चार वर्षों में वह प्रगति हासिल की है, जिसे कई देशों को करने में काफी लंबा समय लगा। प्रधानमंत्री के मुताबिक अब भारत का फोकस केवल सेमीकंडक्टर क्षमता विकसित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि कमर्शियल चिप प्रोडक्शन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत की चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और संबंधित तकनीकों में बढ़ती क्षमता से दुनिया का देश पर भरोसा बढ़ा है। सेमीकॉन इंडिया में बड़ी संख्या में वैश्विक कंपनियों की भागीदारी को उन्होंने इस बढ़ते भरोसे का संकेत बताया।
दो सुविधाओं में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू
Semicon India 2026 के दौरान पंजाब के मोहाली स्थित CDIL Semiconductor और गुजरात के पalsाना स्थित Suchi Semicon की सुविधाओं में कमर्शियल प्रोडक्शन की शुरुआत भी चिह्नित की गई। CDIL की इकाई असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग से जुड़ी है, जबकि Suchi Semicon की सुविधा OSAT यानी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट से संबंधित है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में बने चिप्स अब वैश्विक बाजारों तक पहुंचेंगे। उन्होंने देश में फैबलेस सेमीकंडक्टर कंपनियों के विकास और भारत में विकसित बौद्धिक संपदा यानी IP को बनाए रखने पर भी जोर दिया। साथ ही सेमीकंडक्टर उपकरण, केमिकल और इंडस्ट्रियल गैस से जुड़े कारोबारों को भारत में निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
52 देशों की भागीदारी
17 से 19 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में वैश्विक और भारतीय कंपनियों के अलावा निवेशक, नीति निर्माता, शोधकर्ता, स्टार्टअप, शिक्षण संस्थान और छात्र हिस्सा ले रहे हैं। जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड्स, सिंगापुर और स्वीडन के लिए अलग कंट्री पवेलियन भी बनाए गए हैं।
चिप से सिस्टम तक पूरा इकोसिस्टम
इस बार सम्मेलन में सेमीकंडक्टर की पूरी वैल्यू चेन पर जोर है। इसमें चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम, सप्लाई चेन, केमिकल और मटेरियल से लेकर स्किल डेवलपमेंट तक के विषय शामिल हैं। सरकार के अनुसार सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत भारत में डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विकसित करने के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
इस आयोजन के जरिए भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सिर्फ चिप बनाने की क्षमता नहीं, बल्कि डिजाइन से लेकर पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तक एक व्यापक घरेलू इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर दे रहा है।


