केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की रक्षा और सुरक्षा नीति की जमकर तारीफ की है। मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान शाह ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में भारत की सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे सैन्य अभियानों ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को स्थापित किया है। शाह के मुताबिक, अब देश की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाता और दुश्मनों को भारत की जवाबी कार्रवाई का डर रहता है।
आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद से निपटने के तरीके में निर्णायक बदलाव किया है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक का उदाहरण देते हुए कहा कि इन कार्रवाइयों ने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत आतंकवादी हमलों को चुपचाप सहने वाला देश नहीं है। शाह ने ऑपरेशन सिंदूर को भी इसी नीति की कड़ी बताया।
उनके अनुसार, इन अभियानों से आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति स्पष्ट हुई है और सुरक्षा को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा है। हालिया बयान में शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था पहले के मुकाबले अधिक मजबूत हुई है।
ऑपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र
अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की नीति का महत्वपूर्ण उदाहरण है। भारत ने 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद यह अभियान शुरू किया था। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाया गया था। विदेश मंत्रालय ने उस समय कार्रवाई को केंद्रित और सीमित बताते हुए कहा था कि इसमें सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना नहीं बनाया गया था।
शाह का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब केंद्र सरकार प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ चला रही है। इस अभियान के तहत सरकार की सुरक्षा, विकास, बुनियादी ढांचे और सामाजिक क्षेत्र की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की तैयारी है।
सुरक्षा नीति को बताया ‘भारत प्रथम’
अमित शाह ने मोदी सरकार की विदेश और रक्षा नीति को ‘भारत प्रथम’ के सिद्धांत से जोड़ते हुए कहा कि राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में भारत की सुरक्षा और रणनीतिक क्षमता में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। उनके मुताबिक, सरकार की नीतियों का उद्देश्य देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आतंकवाद और अन्य सुरक्षा चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटना है।
विकास और सुरक्षा दोनों पर जोर
शाह ने अपने संबोधन में केवल रक्षा नीति ही नहीं, बल्कि मोदी सरकार के व्यापक कामकाज का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश ने आर्थिक, बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने राम जन्मभूमि मंदिर और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं को सांस्कृतिक पुनरुत्थान से जोड़ा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों के कारण भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में पहुंचा है।
अमित शाह का संदेश साफ था कि मोदी सरकार आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई और राष्ट्रीय सुरक्षा को अपनी नीति का प्रमुख आधार मानती है। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर तक की कार्रवाइयों को उन्होंने इसी बदली हुई सुरक्षा नीति का प्रतीक बताया। अब सरकार इसी ‘जीरो टॉलरेंस’ के रुख को आगे भी जारी रखने का संकेत दे रही है।


