More
    HomeHindi Newsदलीप ट्रॉफी फाइनल: नर्वस नाइंटीज का शिकार बने तिलक वर्मा, ऐसे गंवा...

    दलीप ट्रॉफी फाइनल: नर्वस नाइंटीज का शिकार बने तिलक वर्मा, ऐसे गंवा दिया अपना विकेट

    चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा शतक से महज एक रन दूर रह गए। ईस्ट जोन के खिलाफ उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में 211 गेंदों पर 99 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन 100 का आंकड़ा छूने से पहले ही अपना विकेट गंवा बैठे। तिलक की पारी में नौ चौके शामिल रहे।

    ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जवाब में साउथ जोन की शुरुआत अच्छी नहीं रही और नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। ऐसे समय में तिलक वर्मा ने एक छोर संभालकर टीम की पारी को आगे बढ़ाया। दूसरे छोर से बल्लेबाजों के पवेलियन लौटने के बावजूद वह क्रीज पर टिके रहे और शतक की ओर बढ़ते गए।

    99 रन पर कैसे आउट हुए तिलक?

    साउथ जोन का स्कोर जब 336 रन था और टीम के नौ विकेट गिर चुके थे, तब तिलक 99 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। शतक पूरा करने के लिए उन्हें केवल एक रन चाहिए था। लेकिन वह ऑफ स्पिनर कौनैन कुरैशी की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में अपना विकेट गंवा बैठे। गेंद सीधे गेंदबाज के हाथों में चली गई और तिलक कैच एंड बोल्ड हो गए।

    इस तरह तिलक की बेहतरीन पारी का अंत बेहद निराशाजनक अंदाज में हुआ। अगर वह एक रन और बना लेते तो यह उनके प्रथम श्रेणी करियर का नौवां शतक होता। साथ ही दलीप ट्रॉफी में लगातार दूसरी सेंचुरी भी पूरी हो जाती।

    ईशान किशन के 270 रन के जवाब में संघर्ष

    ईस्ट जोन की पारी में सबसे बड़ा योगदान कप्तान ईशान किशन का रहा। उन्होंने शानदार 270 रन की पारी खेली। उनके अलावा कुमार कुशाग्र ने 101 रन, अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 रन और शिखर मोहन ने 85 रन बनाए। इन पारियों के दम पर ईस्ट जोन ने 708 रन का पहाड़ खड़ा किया।

    साउथ जोन की ओर से तिलक के अलावा देवदत्त पडिक्कल ने 62 रन बनाए। लेकिन टीम की बल्लेबाजी ईस्ट जोन के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम 336 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह ईस्ट जोन को पहली पारी में 372 रन की विशाल बढ़त मिल गई।

    तिलक की पारी ने बचाई लाज

    साउथ जोन भले ही मुकाबले में बेहद पिछड़ गया हो, लेकिन तिलक वर्मा की 99 रन की पारी टीम के लिए बड़ी सकारात्मक बात रही। उन्होंने दबाव के बीच लंबी पारी खेली और लगातार गिरते विकेटों के बावजूद संघर्ष जारी रखा।

    हालांकि शतक से सिर्फ एक रन दूर आउट होने का मलाल उन्हें जरूर रहेगा। अब ईस्ट जोन पहली पारी की बड़ी बढ़त के आधार पर खिताब का मजबूत दावेदार बन चुका है।

    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments