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    चिप से शिप तक निर्माण लेकिन ‘फूफा’ नाराज, वडोदरा में जेन-जी से बोले पीएम मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में आयोजित ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम में जेन-जी के युवाओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने देश में हो रहे विकास, आत्मनिर्भरता और स्वदेशी निर्माण को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब ‘चिप से शिप’ तक निर्माण की गाथा लिख रहा है। उन्होंने युवाओं से देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

    प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम गुजरात को 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देने के अवसर पर आयोजित हुआ। इनमें रेलवे, हाईवे और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। तीन प्रमुख हिस्सों के शुरू होने के साथ पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का पूरा नेटवर्क भी परिचालन के लिए तैयार हो गया है।

    ‘चिप से शिप तक’ आत्मनिर्भर भारत

    युवाओं से संवाद के दौरान पीएम मोदी ने भारत की बढ़ती विनिर्माण क्षमता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश अब केवल तकनीक या उत्पादों का उपभोक्ता नहीं रहना चाहता, बल्कि निर्माण की वैश्विक ताकत बन रहा है। सेमीकंडक्टर चिप से लेकर जहाज निर्माण तक भारत में उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

    मोदी ने युवाओं को इस बदलाव का सबसे बड़ा भागीदार बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में युवा नई तकनीक, स्टार्टअप और नवाचार के जरिए भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

    विपक्ष पर ‘नाराज फूफा’ वाला तंज

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने विकास परियोजनाओं पर सवाल उठाने वालों को ‘नाराज फूफा’ कहकर तंज कसा। मोदी ने कहा कि देश में जब भी कोई बड़ा काम होता है, कुछ लोग उसकी उपयोगिता पर सवाल उठाने लगते हैं।

    फ्रेट कॉरिडोर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग पूछते थे कि इससे क्या फायदा होगा और ट्रक चालकों का क्या होगा। प्रधानमंत्री ने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब ऐसे ‘नाराज फूफा’ को भी काम मिल गया है। यह टिप्पणी मुख्य रूप से विपक्ष और सरकार की विकास योजनाओं के आलोचकों पर कटाक्ष के तौर पर देखी गई।

    रेलवे और कनेक्टिविटी पर जोर

    पीएम मोदी ने कहा कि रेलवे अब उन इलाकों तक पहुंच रही है, जहां आजादी के दशकों बाद भी रेल सुविधा नहीं पहुंची थी। उन्होंने गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी क्षेत्रों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने का उल्लेख किया।

    वडोदरा कार्यक्रम में पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के 326 किलोमीटर लंबे तीन हिस्सों को राष्ट्र को समर्पित किया गया। इन हिस्सों पर 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। इससे औद्योगिक केंद्रों और बंदरगाहों के बीच माल ढुलाई तेज होगी और लॉजिस्टिक्स लागत घटाने में मदद मिलेगी।

    जेन-जी को साधने की कोशिश

    वडोदरा में युवाओं के साथ प्रधानमंत्री का संवाद राजनीतिक और सामाजिक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम में तकनीक, आत्मनिर्भरता, स्टार्टअप और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर रहा। प्रधानमंत्री ने जेन-जी की भाषा और लोकप्रिय शब्दों का इस्तेमाल कर युवाओं से सीधे जुड़ने की कोशिश भी की। कुल मिलाकर वडोदरा कार्यक्रम में पीएम मोदी ने विकास परियोजनाओं के साथ आत्मनिर्भर भारत, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और युवा शक्ति को अपने संबोधन के केंद्र में रखा। वहीं ‘नाराज फूफा’ वाली टिप्पणी ने उनके राजनीतिक संदेश को भी धार दे दी।

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