दुबई: महिला एशिया कप 2026 में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ एकतरफा मुकाबले में 7 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। भारतीय गेंदबाजों के सामने पाकिस्तान की पूरी टीम महज 55 रन पर ऑलआउट हो गई, जो उसका महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक का सबसे कम स्कोर है। जवाब में टीम इंडिया ने केवल 8.4 ओवर में तीन विकेट खोकर 56 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज की और ग्रुप-ए में अपना दबदबा कायम रखा।
भारतीय स्पिनरों ने पाकिस्तान की कमर तोड़ी
टॉस जीतकर पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। शुरुआत में पाकिस्तान ने बिना विकेट गंवाए 27 रन बनाकर ठीक-ठाक शुरुआत की, लेकिन इसके बाद भारतीय स्पिनरों ने ऐसा शिकंजा कसा कि पूरी पाकिस्तानी पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। 55 रन तक पहुंचते-पहुंचते पाकिस्तान के सभी विकेट गिर गए।
भारत की ओर से श्री चरणी और प्रेमा रावत ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन-तीन विकेट लिए। श्री चरणी ने चार ओवर में सिर्फ सात रन देकर तीन विकेट झटके, जबकि प्रेमा रावत ने चार ओवर में नौ रन खर्च किए। दीप्ति शर्मा ने भी 3.1 ओवर में केवल पांच रन देकर दो विकेट अपने नाम किए।
शेफाली ने आउट होकर भी बनाया बड़ा रिकॉर्ड
56 रन के मामूली लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को शेफाली वर्मा ने पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर आक्रामक शुरुआत दिलाई। हालांकि वह छह गेंदों पर 12 रन बनाकर फातिमा सना की गेंद पर आउट हो गईं। इसके बावजूद उनका नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया।
शेफाली ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना 3000वां टी20 अंतरराष्ट्रीय रन पूरा किया। 22 साल 220 दिन की उम्र में वह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में 3000 रन बनाने वाली खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने आयरलैंड की गैबी लुईस का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा।
फातिमा सना ने शुरुआती झटके देकर जगाई उम्मीद
पाकिस्तान की ओर से कप्तान फातिमा सना ने गेंद से जरूर कुछ असर डाला। उन्होंने भारतीय पारी के पावरप्ले में शेफाली वर्मा, प्रतिका रावल और स्मृति मंधाना के विकेट हासिल किए। शेफाली ने 12, प्रतिका ने 4 और स्मृति ने 9 रन बनाए। एक समय भारत के तीन विकेट जल्दी गिरने से पाकिस्तान को वापसी की उम्मीद जगी, लेकिन लक्ष्य बेहद छोटा होने के कारण भारतीय टीम पर दबाव नहीं बना।
इसके बाद दीप्ति शर्मा और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। हरमनप्रीत ने 18 गेंदों पर नाबाद 18 रन बनाए और छक्का लगाकर मैच खत्म किया। भारत ने 68 गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया।
हरमनप्रीत बोलीं- स्तर ऊंचा रखना जरूरी
मैच के बाद हरमनप्रीत कौर ने टीम के प्रदर्शन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि भारत जिस आक्रामक रवैये की बात करता है, टीम ने मैदान पर उसी सोच को लागू किया। कप्तान ने गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी योजनाओं पर अच्छी तरह अमल किया और पिच को पढ़कर उसी के मुताबिक गेंदबाजी की।
हरमनप्रीत ने यह भी कहा कि टीम का स्तर ऊंचा रखना बेहद जरूरी है और उन्हें पता है कि यह टीम क्या कर सकती है। तीन विकेट जल्दी गिरने को उन्होंने खेल का हिस्सा बताया और पाकिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण की भी तारीफ की।
यह मुकाबला हरमनप्रीत के लिए व्यक्तिगत रूप से भी ऐतिहासिक रहा। पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने बतौर कप्तान अपना 150वां टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। पुरुष और महिला क्रिकेट में कप्तान के रूप में 150 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली वह पहली क्रिकेटर बनीं।
पाकिस्तान के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। कप्तान फातिमा सना ने स्वीकार किया कि टीम का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और बल्लेबाज जिम्मेदारी नहीं निभा सके। वहीं भारत ने गेंद और बल्ले दोनों से दबदबा कायम करते हुए टूर्नामेंट में अपनी जीत की हैट्रिक पूरी कर ली।


