अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बेहद सुरक्षित भूमिगत परमाणु ठिकाने पिकैक्स माउंटेन को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका इस जगह पर बहुत जल्द हमला कर सकता है। उनके इस बयान से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पिकैक्स माउंटेन क्यों है निशाने पर?
पिकैक्स माउंटेन ईरान के नतांज परमाणु परिसर के पास स्थित एक बेहद मजबूत भूमिगत परिसर है। यहां पहाड़ के भीतर गहरी सुरंगों और भूमिगत ढांचों का निर्माण किया गया है। अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों को आशंका है कि इसका इस्तेमाल ईरान की परमाणु गतिविधियों से जुड़े कामों के लिए हो सकता है।
रिपोर्टों के मुताबिक, परिसर के कुछ हिस्से जमीन के भीतर इतनी गहराई में हैं कि पारंपरिक बंकर-बस्टर बमों से उन्हें निशाना बनाना भी मुश्किल माना जाता है। यही वजह है कि ट्रंप की धमकी के बाद सवाल उठ रहा है कि अमेरिका इस ठिकाने को निशाना बनाने के लिए किस तरह की सैन्य रणनीति अपनाएगा।
ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिया है कि पिकैक्स माउंटेन अमेरिका के अगले संभावित लक्ष्यों में शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी पक्ष इस ठिकाने पर नजर रख रहा है और वहां की गतिविधियों को लेकर चिंतित है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच सैन्य टकराव पहले से ही गंभीर बना हुआ है।
होर्मुज में भी बढ़ी चिंता
इस पूरे संकट में होर्मुज जलडमरूमध्य सबसे अहम मोर्चों में से एक बना हुआ है। दुनिया के तेल व्यापार के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने पर यहां जहाजों की आवाजाही, तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजार पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। हालिया संघर्ष में होर्मुज के आसपास सैन्य गतिविधियां भी तेज हुई हैं।
ईरान की ओर से खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगी देशों और ठिकानों को लेकर भी जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। इससे संघर्ष के दूसरे देशों तक फैलने का खतरा बढ़ गया है।
आगे क्या होगा?
पिकैक्स माउंटेन पर संभावित अमेरिकी हमला संघर्ष को और गंभीर बना सकता है। यदि इस भूमिगत परिसर को निशाना बनाया जाता है, तो ईरान की प्रतिक्रिया और होर्मुज में स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी। फिलहाल ट्रंप के बयान ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष खत्म होने के बजाय नए और अधिक खतरनाक चरण में प्रवेश कर सकता है


