लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश में दलितों पर हो रहे कथित अत्याचार और अपमान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण के बाद रामलीला मैदान में मंच के ‘शुद्धिकरण’ किए जाने की घटना पर तीखा हमला बोला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने की मांग की।
‘शुद्धिकरण’ छुआछूत का ही दूसरा नाम
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में दो विचारधाराओं की लड़ाई चल रही है—एक तरफ बाबा साहेब आंबेडकर, महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू का संविधान है, तो दूसरी तरफ भाजपा और आरएसएस की विचारधारा है।
- अपराध करार दिया: राहुल गांधी ने कहा, “हल्द्वानी के रामलीला मैदान में देश के वरिष्ठ दलित नेता और कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के कार्यक्रम के बाद मंच का शुद्धिकरण किया गया। ‘शुद्धिकरण’ असल में छुआछूत का ही दूसरा नाम है, जिसे संविधान में गैर-कानूनी घोषित किया जा चुका है।”
- FIR की मांग: उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मांग की कि हल्द्वानी में ‘शुद्धिकरण’ की रस्म निभाने वालों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) की धाराओं के तहत तुरंत आपराधिक मामला दर्ज कराया जाए।
दलित उत्पीड़न के उदाहरण
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए राहुल गांधी ने देश में दलितों के साथ होने वाले भेदभाव के कई उदाहरण दिए:
- नेताओं के अपमान का दावा: राहुल ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस विधायक दल (CLP) के नेता टीकाराम जूली और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के मंदिर जाने के बाद भी भाजपा के लोगों द्वारा तथाकथित ‘शुद्धिकरण’ किया गया।
- सामाजिक भेदभाव की सच्चाई: उन्होंने कहा कि आज भी स्कूलों में दलित बच्चों से टॉयलेट साफ करवाए जाते हैं और फर्श पर पोछा लगवाया जाता है। बारात में दलित दूल्हों के घोड़े पर चढ़ने पर पत्थरबाज़ी होती है और चाय की दुकानों पर दलितों को अलग डिस्पोजेबल कप में चाय दी जाती है।
राजनीतिक मायने और भाजपा पर प्रहार
राहुल गांधी ने कहा कि जब मल्लिकार्जुन खरगे जैसे राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो देश के आम दलित नागरिकों और छोटे बच्चों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जब उनसे भाजपा के नए संगठनात्मक बदलावों के बारे में सवाल पूछा गया, तो राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा में पुराना या नया संगठन आए, कांग्रेस की लड़ाई व्यक्तिगत नहीं बल्कि संविधान की रक्षा और विचारधारा की है।


