लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की वकील एवं भाजपा नेता नाजिया इलाही खान ने शिकायत दर्ज कराई है। यह मामला राहुल गांधी द्वारा हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘मनुस्मृति’ पर की गई विवादास्पद टिप्पणी से जुड़ा है। नाजिया खान का आरोप है कि राहुल गांधी ने मनुस्मृति का एक अध्याय चुनकर और शब्दों को मरोड़कर प्राचीन ग्रंथ को बदनाम करने और समाज में भ्रामक संदेश फैलाने की कोशिश की है।
- शिकायत में कहा गया कि भाषण के दौरान मंच के बैकग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की तस्वीरें प्रदर्शित की गईं। नाजिया खान ने सवाल उठाया कि इस तरह तस्वीरें लगाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया गया।नाजिया खान ने तर्क दिया कि भाजपा सरकार या प्रधानमंत्री ने कभी भी किसी को मनुस्मृति पढ़ने या उसका पालन करने के लिए नहीं कहा है। ऐसे में नेताओं की तस्वीरें पीछे लगाना सस्ती राजनीति का हिस्सा है। शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी पर भ्रम फैलाने और भावनाएं आहत करने के आरोप में पुलिस से एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
यह पूरा विवाद 22 अगस्त को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ (Chhatron Ki Goonj) कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषण से शुरू हुआ।
- महिलाओं की स्वतंत्रता पर टिप्पणी: भाषण में राहुल गांधी ने मनुस्मृति के एक अंश का हवाला देते हुए कहा था कि इसमें महिलाओं को बचपन में पिता, युवावस्था में पति और बुढ़ापे में बेटों के अधीन रहने की बात कही गई है।
- अधिकारों का समर्थन: राहुल गांधी ने कहा कि महिला किसी की संपत्ति नहीं है, उसकी अपनी स्वतंत्र पहचान होनी चाहिए और उसे खुद को परिभाषित करने का पूरा अधिकार है।


