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    नेपाल के लिए दूसरी उड़ान रवाना, एस. जयशंकर ने बताया कितनी राहत सामग्री भेजी

    नेपाल और चीन-तिब्बत सीमा पर भोटेकोशी व त्रिशूली नदियों में आई विनाशकारी बाढ़ से मची भीषण तबाही के बीच भारत ने अपने ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (Neighbourhood First) नीति के तहत बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता भेजी है।

    भारत ने बाढ़ पीड़ितों के लिए 37.5 टन की दूसरी राहत सामग्री की खेप काठमांडू भेजी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारतीय वायु सेना के C-17 ग्लोबमास्टर विमान के उड़ान भरने का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर शेयर करते हुए इस बात की पुष्टि की है।

    राहत सामग्री और ऑपरेशन का विवरण

    • दूसरा विमान रवाना: हिंडन एयरबेस से रवाना हुए भारतीय वायु सेना के विशालकाय C-17 ग्लोबमास्टर (C-17 Globemaster) विमान के जरिए 37.5 टन सहायता भेजी गई है।
    • सामग्री की सूची: इसमें आवश्यक आपातकालीन दवाइयां, रेडी-टू-ईट फूड पैकेट्स, टेंट, कंबल, हाइजीन किट्स और आपदा राहत उपकरण (HADR material) शामिल हैं।
    • कुल 47.5 टन सहायता: इससे पहले भारत ने बुधवार रात C-130J एयरक्राफ्ट से 10 टन की पहली सहायता खेप भेजी थी। इसके साथ ही भारत अब तक कुल 47.5 टन से अधिक राहत सामग्री नेपाल पहुंचा चुका है।
    • आधिकारिक हस्तांतरण: नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने इस राहत सामग्री को औपचारिक रूप से नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपा है।

    एस. जयशंकर का बयान और भारत की प्रतिबद्धता

    विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “नेपाल के लिए 37.5 टन HADR सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट लेकर दूसरी उड़ान रवाना हो चुकी है। भारत, नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार और करीबी संपर्क में है। हम जारी राहत और बचाव अभियानों में अपना पूरा और मजबूत सहयोग जारी रखेंगे।”

    नेपाल में बाढ़ का ताजा मंजर

    • मौतों का आंकड़ा: रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ के तेज बहाव में बहने से अब तक 162 से अधिक लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं।
    • लापता लोग: लगभग 750 से अधिक नेपाली नागरिक और करीब 130-140 भारतीय तीर्थयात्री व पर्यटक लापता बताए जा रहे हैं।
    • तबाही की वजह: तिब्बत क्षेत्र में भूस्खलन व हिमस्खलन के कारण ल्हेन्डे (Lhende) नदी का प्रवाह बाधित हुआ और अचानक ग्लेशियर झील फटने से यह विनाशकारी फ्लैश फ्लड आया।

    भारत सरकार ने दोहराया है कि मुश्किल की इस घड़ी में वह नेपाल की जनता और सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता भी मुहैया कराएगा।

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