श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया अयोध्या में शुरू हो गई है। बंद कमरे में आयोजित इस साक्षात्कार (Interview) में अभ्यर्थियों की प्रशासनिक दक्षता और भीड़ प्रबंधन क्षमता के साथ-साथ भगवान श्रीराम के प्रति उनकी निजी आस्था और धार्मिक आचरण की भी गहन जांच की जा रही है।
5,200 आवेदकों में से 18 शॉर्टलिस्ट
ट्रस्ट को सीईओ पद के लिए कुल 5,200 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से ऑनलाइन स्क्रीनिंग के बाद 18 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए चुना गया। पहले दिन मंगलवार को पूर्व आईएएस (IAS), पूर्व आईपीएस (IPS) और पूर्व सैन्य अधिकारियों सहित 8 से 10 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया।
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| कुल आवेदन | 5,200 |
| शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवार | 18 (पूर्व डीएम, आईपीएस व पूर्व सैन्य अधिकारी शामिल) |
| मूल्यांकन कसौटी | 34 प्रश्नों का विस्तृत प्रारूप |
| चयन समिति | पूर्व न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, डॉ. सुरेश हावड़े, ले. जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी |
इंटरव्यू में पूछे गए प्रमुख सवाल
उम्मीदवारों को इंटरव्यू से पहले 34 बिंदुओं का एक विस्तृत प्रारूप भरना पड़ा, जिसके आधार पर चयन समिति ने 40 से 50 मिनट तक सवाल-जवाब किए।
- धार्मिक एवं व्यक्तिगत आदतें:
- क्या आप पूरी तरह शाकाहारी हैं या मांसाहार का सेवन करते हैं?
- क्या आप मदिरा/शराब का सेवन करते हैं?
- क्या आप शिखा (चोटी) रखते हैं और जनेऊ धारण करते हैं?
- क्या आप पारंपरिक हिंदू धार्मिक पोशाक पहनने में सहज महसूस करेंगे?
- प्रशासनिक अनुभव और क्राउड मैनेजमेंट:
- क्या आपने अपने करियर में 1,000 से 5,000 कर्मचारियों का नेतृत्व किया है?
- किसी बड़े धार्मिक या सामाजिक आयोजन के सफल संचालन का आपका क्या अनुभव रहा है?
- राम मंदिर में पर्वों पर उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने की आपकी क्या रणनीति होगी?
- विज़न और वित्तीय प्रबंधन:
- राम मंदिर परिसर के सुरक्षा व्यवस्था, आईटी प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर आपकी क्या कार्ययोजना है?
2 सितंबर तक तय होगा अंतिम नाम
साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन समिति शीर्ष 3 अभ्यर्थियों का एक पैनल तैयार करेगी। इस पैनल को 2 सितंबर से पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा जाएगा, जहाँ ट्रस्ट की अंतिम बैठक में नए सीईओ का नाम घोषित किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारियों के परामर्श को भी चयन में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


