पश्चिम एशिया में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बयानों ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में खलबली मचा दी है। एक तरफ जहां ट्रंप ने ईरान पर वेनेजुएला जैसी रणनीति अपनाने का संकेत दिया है, वहीं दूसरी तरफ तेहरान के अंदरूनी सत्ता संघर्ष की खबरों के बीच पेजेशकियन के बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
ट्रंप का वेनेजुएला मॉडल और परमाणु चेतावनी
लास वेगास में एक संबोधन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को स्पष्ट चेतावनी दी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के संदर्भ में वही रणनीति अपना रहा है जो उसने पूर्व में वेनेजुएला के खिलाफ अपनाई थी। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका तेहरान पर अधिकतम दबाव (‘मैक्सिमम प्रेशर’) की नीति बनाए रखेगा ताकि उसे नए परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया जा सके। ट्रंप का इशारा यह भी था कि आर्थिक प्रतिबंधों और कूटनीतिक अलगाव के जरिए ईरान की मौजूदा शासन व्यवस्था पर दबाव कायम रखा जाएगा।
‘मोजतबा से संपर्क करना मुश्किल’: पेजेशकियन का बड़ा दावा
दूसरी ओर, तेहरान से आ रही खबरों ने ईरान के आंतरिक सत्ता संतुलन को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक बयान में कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से संपर्क साधना बेहद कठिन हो गया है।
हालांकि, पेजेशकियन ने मोजतबा खामेनेई के प्रति पूर्ण निष्ठा दोहराते हुए कहा कि वह देश के लिए अब भी प्रेरणा और ताकत के सबसे बड़े स्रोत हैं।
तख्तापलट की कोशिशों को किया खारिज
पेजेशकियन ने पश्चिमी मीडिया और विरोधी ताकतों के उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें देश में तख्तापलट या शासन के पतन की बात कही जा रही थी। उन्होंने कहा:
- विरोधी शक्तियों ने ईरान में अस्थिरता पैदा करने की भरपूर कोशिश की।
- नया नेतृत्व और ईरानी जनता एकजुट होकर हर प्रतिकूल परिस्थिति का सामना कर रहे हैं।
- विदेश प्रायोजित तख्तापलट की किसी भी साजिश को देश नाकाम कर चुका है।
बयानों के कूटनीतिक मायने
पेजेशकियन का यह कबूलनामा कि सुप्रीम लीडर से सीधा संपर्क नहीं हो पा रहा है, विशेषज्ञ इसे सुरक्षा चिंताओं या शीर्ष नेतृत्व के भीतर अंदरूनी समन्वय की चुनौती के रूप में देख रहे हैं। ट्रंप की वेनेजुएला वाली मिसाल और ईरान के आंतरिक बयानों के मेल से यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंध और अधिक तनावपूर्ण मोड़ ले सकते हैं।


