संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट (NEET) परीक्षा में गड़बड़ियों, पेपर लीक और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों (I.N.D.I.A. गठबंधन) के शीर्ष नेताओं ने संसद में चर्चा से बचने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सरकार पर जोरदार हमला बोला है।
विपक्षी नेताओं के प्रमुख आरोप और बयान:
- राहुल गांधी: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि गृह मंत्री अमित शाह और शीर्ष नेतृत्व संसद के पटल पर विपक्ष का सामना करने से क्यों भाग रहे हैं? उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े नीट मुद्दे और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर सरकार जवाबदेही से बच रही है।
- मल्लिकार्जुन खरगे: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में आरोप लगाया कि जब भी विपक्ष संसद में देश के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की मांग करता है, तो सरकार सदन को स्थगित कराने या विषय को टालने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को सदन में आकर देश की आंतरिक सुरक्षा और प्रशासनिक विफलताओं पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
- केसी वेणुगोपाल: कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि गृह मंत्री का संसद में चर्चा से कतराना यह साबित करता है कि सरकार के पास विपक्ष के तार्किक सवालों का कोई जवाब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों की आवाज दबाने के लिए लगातार अलोकतांत्रिक रवैया अपनाया जा रहा है।
सदन में गतिरोध जारी
विपक्षी दल संसद में नीट मामले की जांच, शिक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय की जवाबदेही तय करने तथा छात्रों के हितों के संरक्षण पर तुरंत कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा की मांग कर रहे हैं। वहीं, सत्ता पक्ष का कहना है कि सरकार सभी नियमों के तहत चर्चा कराने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष संसद की कार्यवाही बाधित करने का बहाना ढूंढ रहा है।
विपक्ष के इन हमलावर तेवरों से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में संसद के दोनों सदनों में सरकार और विपक्ष के बीच यह टकराव और तेज होने वाला है।


