बी. आर. चोपड़ा के प्रसिद्ध धारावाहिक ‘महाभारत’ में अश्वत्थामा और फिल्म ‘गजनी’ में मुख्य विलेन की भूमिका निभाने वाले दिग्गज अभिनेता प्रदीप रावत का 4 अगस्त 2026 को 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन के बाद से ही उनकी व्यक्तिगत ज़िंदगी, करियर और शादियों को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
प्रदीप रावत (21 जनवरी 1952 – 4 अगस्त 2026) भारतीय सिनेमा और टेलीविजन के एक दिग्गज अभिनेता थे, जिन्हें मुख्य रूप से उनके दमदार और भयानक खलनायक (विलेन) वाले किरदारों के लिए जाना जाता है।
शुरुआती जीवन और संघर्ष
- जन्म व पृष्ठभूमि: प्रदीप रावत का जन्म 21 जनवरी 1952 को जबलपुर, मध्य प्रदेश में हुआ था।
- फौज की इच्छा व शुरुआती नौकरी: अभिनय जगत में कदम रखने से पहले उनकी शुरुआती इच्छा भारतीय सेना (फौज) में शामिल होने की थी। उन्होंने एक बैंक में नौकरी भी की, लेकिन बाद में उनका झुकाव अभिनय की ओर हुआ और वह प्रसिद्ध अभिनेता राज बब्बर के ‘एकजुट’ थिएटर ग्रुप से जुड़ गए।
करियर की शुरुआत और पहचान
- डेब्यू और टेलीविज़न: उन्होंने 1980 के दशक में छोटे रोल्स के साथ अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। बी. आर. चोपड़ा के कालजयी धारावाहिक ‘महाभारत’ (1988) में गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा का किरदार निभाकर उन्हें घर-घर में जबरदस्त पहचान मिली।
- बॉलीवुड में कदम: 1990 के दशक में उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में चरित्र और सह-कलाकार की भूमिकाएं निभाईं। ‘सरफ़रोश’ (1999) में ‘सुल्तान’ और आमिर खान की ऑस्कर-नामित फिल्म ‘लगान’ (2001) में सिख क्रिकेटर ‘देवा सिंह सोढ़ी’ के रोल में उन्हें काफी सराहा गया।
साउथ सिनेमा और ‘गजनी’ से ऐतिहासिक सफलता
- साउथ में धमाकेदार डेब्यू: 2004 में निर्देशक एस. एस. राजामौली की तेलुगु फिल्म ‘साइ’ (Sye) में उन्होंने खूंखार विलेन ‘भिक्षु यादव’ का रोल निभाया। इस रोल के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ खलनायक का ‘फिल्मफेयर’ और ‘नंदी पुरस्कार’ मिला।
- ‘गजनी’ का प्रतिष्ठित किरदार: 2005 की तमिल फिल्म ‘गजनी’ और 2008 में आमिर खान स्टारर इसके ‘हिंदी रीमेक’ में मुख्य विलेन ‘गजनी धर्मात्मा’ की भूमिका निभाकर वह पूरे देश में मशहूर हो गए।
पहली शादी और 5 महीने में तलाक
प्रदीप रावत ने अपनी निजी जिंदगी में दो शादियां की थीं। पहली शादी से जुड़ा विवाद उन्होंने एक इंटरव्यू (सिद्धार्थ कनन के शो) में खुद साझा किया था:
- विवाद और झूठे आरोप: पहली शादी के महज साढ़े पांच महीने बाद ही दोनों का तलाक हो गया था। उस वक्त उनकी पत्नी गर्भवती थीं। प्रदीप रावत के अनुसार, उनकी पहली पत्नी और उनके ससुराल वालों ने उन पर और उनके परिवार पर दहेज उत्पीड़न (धारा 498-A) तथा शराब पीकर मारपीट करने के गंभीर झूठे आरोप लगाए थे।
- केस की समाप्ति: अभिनेता ने बताया था कि केस दर्ज कराने के एक महीने के भीतर ही सच्चाई सामने आ गई थी। पहली पत्नी ने वकील के सामने आकर अपनी गलती स्वीकार की, जिसके बाद दोनों का तलाक का मामला समाप्त हो गया।
दूसरी शादी (कल्याणी रावत) और परिवार
पहली शादी के कड़वे अनुभवों के बाद प्रदीप रावत की ज़िंदगी में कल्याणी रावत आईं।
- मुलाकात और प्रेम कहानी: दोनों की पहली मुलाकात साउथ फिल्म ‘स्टालिन’ के सेट पर हुई थी। एक दिन कल्याणी की कार खराब होने पर प्रदीप उन्हें घर छोड़ने गए थे। इस सफर के दौरान बातचीत शुरू हुई और कुछ समय की डेटिंग के बाद वर्ष 2006 में दोनों ने शादी कर ली।
- बच्चे: प्रदीप और कल्याणी रावत का एक बेटा है, जिसका नाम विक्रमादित्य रावत (विक्रम) है।


