उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के बीच उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के एक विवादित बयान ने राज्य का राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। मदरसों को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।
केशव प्रसाद मौर्य ने क्या कहा?
लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मदरसों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, “मदरसा चाहे बांग्लादेश का हो, या पाकिस्तान का, या भारत का हो, मदरसा अघोषित रूप से आतंकवाद ही पैदा करता है।”
उन्होंने आगे कहा कि मदरसों में दी जाने वाली शिक्षा और गतिविधियों की लगातार समीक्षा की आवश्यकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मुख्यधारा की शिक्षा के नाम पर धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा न मिले।
राजनीतिक हलचल और प्रतिक्रियाएं
डिप्टी सीएम के इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों और मुस्लिम संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं:
- समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस का हमला: विपक्षी नेताओं ने मौर्य के इस बयान को धार्मिक ध्रुवीकरण और नफरत फैलाने वाला करार दिया। विपक्ष का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी बुनियादी मुद्दों जैसे महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
- मुस्लिम धर्मगुरु और मदरसा बोर्ड: मदरसा संचालकों और धर्मगुरुओं ने बयान पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि मदरसों ने देश की आजादी और शिक्षा के प्रसार में ऐतिहासिक योगदान दिया है। कुछ छिटपुट घटनाओं के आधार पर पूरे मदरसा ढांचे और शिक्षा व्यवस्था पर उंगली उठाना पूरी तरह से अनुचित और अपमानजनक है।
टाइमिंग बेहद अहम
केशव प्रसाद मौर्य का यह बयान ऐसे समय में आया है जब:
- विधानमंडल का मानसून सत्र: उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है, जहाँ विपक्ष पहले ही कानून-व्यवस्था और अनुपूरक बजट को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है।
- मदरसा सर्वेक्षण व नीतियां: राज्य सरकार द्वारा अवैध और गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों के खिलाफ लगातार की जा रही कार्रवाइयों और जांच रिपोर्टों के बीच इस तरह का बयान बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।


