अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ (आयात शुल्क) नीति को लेकर अमेरिका के भीतर ही बड़ा कानूनी और राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। अमेरिका के 25 राज्यों के गठबंधन ने ट्रंप प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ ‘यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड’ (US Court of International Trade) में मुकदमा दर्ज कराया है। राज्यों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन बंधुआ मजदूरी (Forced Labor) का बहाना बनाकर अवैध रूप से अमेरिकी परिवारों और व्यवसायों पर अतिरिक्त कर (टैक्स) का बोझ डाल रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देकर क्या कहा?
राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फरवरी में दिए गए उस ऐतिहासिक फैसले का हवाला दिया है, जिसमें राष्ट्रपति द्वारा ‘इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट’ (IEEPA) के तहत लगाए गए वैश्विक टैरिफ को यह कहते हुए रद्द कर दिया गया था कि राष्ट्रपति के पास इस कानून के तहत व्यापक टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है।
- अवैध कर लगाने का प्रयास: न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट में केस हारने के बाद, प्रशासन एक बार फिर नई टैरिफ नीति के जरिए परिवारों और व्यवसायों पर अवैध रूप से टैक्स बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।”
- संविधान और कानून का उल्लंघन: अटॉर्नी जनरल ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी कानून और संविधान यह साफ करते हैं कि राष्ट्रपति के पास अपनी मर्जी से किसी भी देश पर व्यापक टैरिफ थपने का अधिकार नहीं है।
- महज एक बहाना: राज्यों का तर्क है कि प्रशासन ने ‘ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301’ (Section 301) का इस्तेमाल केवल एक ‘बहाने’ (Pretext) के रूप में किया है, ताकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए पुराने टैरिफ की भरपाई की जा सके।
क्या है पूरा विवाद?
- 60 अर्थव्यवस्थाओं पर असर: ट्रंप प्रशासन ने पिछले महीने 59 देशों और यूरोपीय संघ (कुल 60 अर्थव्यवस्थाओं) से आने वाले सामानों पर 10% से 12.5% का टैरिफ लगाया है। अमेरिका के कुल आयात का 99% हिस्सा इन्हीं देशों से आता है।
- बंधुआ मजदूरी का दावा: व्हाइट हाउस का कहना है कि ये देश अपने यहाँ बंधुआ मजदूरी से बनने वाले सामानों के आयात पर रोक लगाने में विफल रहे हैं, जिससे अमेरिकी व्यापार और श्रमिकों को नुकसान पहुँच रहा है।
- राज्यों की दलील: याचिकर्ता राज्यों (जिनमें न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया, इलिनोइस, वर्जीनिया आदि शामिल हैं) का कहना है कि प्रशासन की रिपोर्ट में केवल तीन उत्पादों में बंधुआ मजदूरी का जिक्र है, जबकि टैरिफ दर्जनों देशों पर थोप दिया गया है।
व्हाइट हाउस का रुख
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने नीति का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका अपने वैध अधिकारों का उपयोग कर अनुचित व्यापार प्रथाओं को समाप्त करने के लिए कर रहा है। उन्होंने कहा कि सेक्शन 301 के तहत लगाए गए टैरिफ कानूनी रूप से पूरी तरह टिकाऊ हैं।


