ग्रीन मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने की दिशा में भारत में एक क्रांतिकारी तकनीक पेश की गई है। हैदराबाद में इथेनॉल आधारित मोबाइल ईवी चार्जिंग तकनीक (Ethanol-Based Mobile EV Charging Technology) को लॉन्च किया गया है। इस नई तकनीक के जरिए अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों को चार्ज करने के लिए पारंपरिक पावर ग्रिड या बिजली पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि इथेनॉल का उपयोग करके सीधे ईवी बैटरी को चार्ज किया जा सकेगा।
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने हैदराबाद में केटो मोटर्स (KETO Motors) की कमर्शियल इलेक्ट्रिक बस और इस मोबाइल इथेनॉल-बेस्ड चार्जिंग यूनिट का उद्घाटन किया। उन्होंने इस नवाचार को वैश्विक स्तर पर एक बेहद महत्वपूर्ण पहल बताया।
यह तकनीक कैसे करेगी काम?
- ग्रिड-स्वतंत्र जनरेटर तकनीक: यह चार्जिंग स्टेशन एक पोर्टेबल जनरेटर की तरह काम करता है, जिसमें बायो-इथेनॉल को ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
- इथेनॉल से बिजली निर्माण: चार्जिंग यूनिट में लगा बायोफ्यूल इंजन इथेनॉल को जलाकर ऑन-द-स्पॉट (स्थानीय स्तर पर) उच्च क्षमता वाली डीसी (DC) बिजली पैदा करता है।
- सीधी फास्ट चार्जिंग: पैदा हुई बिजली तुरंत वाहनों की बैटरी में ट्रांसफर हो जाती है, जिससे इलेक्ट्रिक बसों, कारों और अन्य वाहनों को बिना पावर ग्रिड कनेक्शन के तेजी से चार्ज किया जा सकता है।
इस तकनीक के मुख्य फायदे
- ग्रिड नेटवर्क पर निर्भरता खत्म: दूरदराज के इलाकों, हाइवे, रिमोट डिपो और निर्माण स्थलों पर जहां बिजली का बुनियादी ढांचा कमजोर है या उपलब्ध नहीं है, वहां इसे आसानी से तैनात किया जा सकता है।
- किसानों को सीधा फायदा: इथेनॉल का निर्माण गन्ना, मक्का और कृषि अवशेषों से होता है। इस तकनीक से इथेनॉल की मांग बढ़ेगी, जिससे देश के किसानों की आय में इजाफा होगा।
- कम कार्बन उत्सर्जन: पारंपरिक डीजल जनरेटर की तुलना में इथेनॉल आधारित जनरेटर से कार्बन उत्सर्जन में लगभग 80% तक की भारी कमी आती है।
- सस्ती और आसान तैनाती: इसे किसी भी स्थान पर बहुत कम समय और कम लागत में मोबाइल वैन या ट्रकों के माध्यम से पहुंचाया जा सकता है।
भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम
केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि इथेनॉल आधारित चार्जिंग तकनीक से भारत की खनिज तेल (पेट्रोलियम) के आयात पर निर्भरता कम होगी। यह पहल प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) अभियानों को मजबूती प्रदान करेगी।


