पवित्र सावन मास की शुरुआत के साथ ही अयोध्या स्थित भव्य श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। भगवान राम लल्ला के दर्शन के लिए प्रतिदिन देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुँच रहे हैं। सावन के इस पावन महीने में श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में दिए जाने वाले सोने और चांदी के चढ़ावे में जबरदस्त उछाल देखा गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, सावन के शुरुआती 10 दिनों के भीतर ही श्रद्धालुओं ने राम लल्ला के चरणों में 1 किलोग्राम सोना और 3 किलोग्राम चांदी अर्पित की है। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में पूर्व में हुई दान चोरी की घटना के बाद श्रद्धालुओं के बीच नकद और आभूषण दान करने की गति में कुछ समय के लिए गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, पवित्र सावन मास के आरंभ होते ही श्रद्धालुओं के भरोसे और उत्साह में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
सावन में चढ़ावे में भारी तेजी
राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही दान और चढ़ावे का सिलसिला लगातार जारी है, लेकिन सावन के महीने में इसमें विशेष बढ़ोतरी दर्ज की गई है। श्रद्धालुओं द्वारा मुख्य रूप से सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण, मुकुट, धनुष-बाण और पूजा सामग्री दान की जा रही है। ट्रस्ट के अधिकारियों का कहना है कि सावन में शिव और राम दोनों की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था के तहत भक्त न केवल जल और फूल चढ़ा रहे हैं, बल्कि अपनी सामर्थ्य के अनुसार बहुमूल्य धातुएं भी प्रभु राम को समर्पित कर रहे हैं।
पारदर्शी गिनती और सुरक्षा व्यवस्था
दान में मिलने वाले सोने-चांदी की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित रखा गया है:
- विशेष बैंक टीम: दान पात्रों और काउंटरों से प्राप्त सोने-चांदी की गिनती के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) तथा ट्रस्ट के अधिकृत कर्मचारियों की विशेष टीम तैनात है।
- सुरक्षा एवं मूल्यांकन: प्राप्त होने वाली सभी बहुमूल्य वस्तुओं का नियमित मूल्यांकन किया जाता है और उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखा जाता है।
- रसीद प्रणाली: काउंटर पर सीधे दान देने वाले श्रद्धालुओं को मौके पर ही कंप्यूटराइज्ड रसीद प्रदान की जाती है।
श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़
सावन के दौरान अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के कड़े इंतजाम किए गए हैं। गर्भगृह में राम लल्ला के सुगम दर्शन के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं। गर्मी और उमस को देखते हुए परिसर में वाटर कूलर, छायादार शेड और मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई है।
ट्रस्ट के अनुसार, सावन के आगामी दिनों और झूलन उत्सव (श्रावणी मेला) के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या और चढ़ावे में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है। राम मंदिर में लगातार बढ़ रहा यह चढ़ावा प्रभु श्रीराम के प्रति देशवासियों की अटूट श्रद्धा और समर्पण को दर्शाता है।


