More
    HomeHindi NewsDelhi News"धोखे" को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे, CJP की केंद्र सरकार को चेतावनी

    “धोखे” को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे, CJP की केंद्र सरकार को चेतावनी

    NEET-UG परीक्षा विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा मांगे मान लिए जाने के बाद भले ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना धरना वापस ले लिया हो, लेकिन अब आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार और CJP के बीच नया तनाव पैदा हो गया है।

    CJP ने एक आधिकारिक बयान जारी कर केंद्र सरकार को सीधी चेतावनी दी है और स्पष्ट किया है कि यदि गिरफ्तार किए गए छात्रों और कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा नहीं किया गया, तो वे सरकार के इस “धोखे” को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।

    CJP का कड़ा बयान: ‘सहमति का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं’

    CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और वरिष्ठ प्रतिनिधि आशुतोष रांका द्वारा जारी बयान में सरकार पर वादे से मुकरने के आरोप लगाए गए हैं:

    • मुकदमों की वापसी का वादा: CJP का कहना है कि सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने और बातचीत के दौरान सरकार (स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय मंत्रियों) ने लिखित/मौखिक आश्वासन दिया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे और किसी पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।
    • पुलिस की कार्रवाई पर सवाल: CJP ने आरोप लगाया कि आंदोलन खत्म होने के बावजूद दिल्ली और अन्य राज्यों में पुलिस द्वारा छात्रों व युवा कार्यकर्ताओं को समन भेजे जा रहे हैं और कुछ की हिरासत/गिरफ्तारी की गई है।
    • सरकार को चेतावनी: CJP ने चेतावनी दी है कि यदि गिरफ्तार किए गए सभी प्रदर्शनकारियों को बिना शर्त रिहा नहीं किया गया और मामले रद्द नहीं हुए, तो देशव्यापी आंदोलन को दोबारा शुरू किया जाएगा।

    CJP का मुख्य संदेश: “हमारा आंदोलन भले ही जंतर-मंतर पर स्थगित हुआ हो, लेकिन अन्याय के खिलाफ संघर्ष खत्म नहीं हुआ है। सरकार ने अगर वादे के बावजूद छात्रों का उत्पीड़न जारी रखा, तो देश का युवा फिर से सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगा।”

    पूरे मामले की पृष्ठभूमि और विवाद की स्थिति

    NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर CJP द्वारा चलाए जा रहे 36 दिनों के लंबे विरोध प्रदर्शन के बाद घटनाक्रम काफी तेजी से बदला:

    चरणप्रमुख घटनाक्रम
    25 जुलाई 2026भारी जनदबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पद से इस्तीफा दिया।
    समझौता व अनशनजे.पी. नड्डा की मध्यस्थता में 5-सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी; सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म किया।
    26 जुलाई 2026CJP ने जंतर-मंतर से धरना स्थगित करने का आधिकारिक ऐलान किया।
    27 जुलाई 2026गिरफ्तारियों और पुलिस कार्रवाई के विरोध में CJP ने सरकार को चेतावनी भरा बयान जारी किया।

    विपक्ष (कांग्रेस व आप) ने भी CJP के रुख का समर्थन करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों पर की गई पुलिस कार्रवाई और दर्ज एफआईआर को तुरंत रद्द करने की मांग की है। यदि सरकार जल्द ही इस विषय पर अपना रुख स्पष्ट नहीं करती है, तो संसद के मानसून सत्र के दौरान यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है।

    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments