20 जुलाई 2026 से संसद का मानसून सत्र शुरू हो चुका है और उम्मीद के मुताबिक पहले ही दिन से इसके बेहद हंगामेदार रहने के आसार साफ नजर आ रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में ‘INDIA’ गठबंधन ने कई संवेदनशील मुद्दों पर नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। विपक्ष का साफ कहना है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगकर रहेगा।
इन प्रमुख मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस सत्र के लिए आधा दर्जन से ज्यादा मुद्दों की एक लंबी सूची तैयार की है, जिन पर वे सरकार से संसद में विस्तृत चर्चा और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं:
- राम मंदिर चंदा चोरी का विवाद: विपक्ष का आरोप है कि अयोध्या के राम मंदिर निर्माण और उसके ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय मामलों में भारी विसंगतियां और ‘चंदा चोरी’ हुई है। मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने इस संबंध में प्रधानमंत्री को एक संयुक्त पत्र भी लिखा है, जिसमें उन्होंने इसे आस्था से धोखा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
- NEET पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली पर संकट: हाल ही में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) सहित अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक होने और शिक्षा प्रणाली में कथित संस्थागत गिरावट को लेकर विपक्ष बेहद आक्रामक है। उनका कहना है कि इस भ्रष्टाचार ने देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है।
- एथेनॉल ब्लेंडिंग (E20) घोटाला: विपक्ष का आरोप है कि वाहनों में एथेनॉल मिश्रण (E20) की नीतियों को थोपने के पीछे एक बड़ा आर्थिक घोटाला छुपा है, जिससे कुछ खास सत्ताधारी नेताओं को फायदा पहुंचाया गया है।
- विपक्षी दलों में टूट और हॉर्स ट्रेडिंग: हाल के महीनों में कई विपक्षी सांसदों और दलों के पाला बदलने को लेकर ‘INDIA’ गठबंधन ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अनुचित तरीकों से संविधान को ताक पर रखकर दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रही है।
- परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) का विरोध: यदि सरकार आगामी सत्र में संसद सीटों के पुनर्गठन या परिसीमन से जुड़ा नया विधेयक लाती है, तो कांग्रेस और पूरा विपक्ष एकजुट होकर इसका कड़ा विरोध करने की रणनीति बना चुका है।
पहले ही दिन दिखा टकराव
सत्र की शुरुआत होते ही विपक्षी सांसदों ने संसद के दोनों सदनों (लोक सभा और राज्य सभा) में जोरदार हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कार्यकर्ताओं के प्रदर्शनों को दबाने और छात्रों की आवाज को कुचलने का आरोप लगाते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। इस हंगामे के चलते कार्यवाही को बार-बार स्थगित भी करना पड़ा।
वहीं दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र की शुरुआत से पहले देश को संबोधित करते हुए उम्मीद जताई कि मानसून सत्र रचनात्मक और देश के विकास के हित में फलदायी साबित होगा। उन्होंने विपक्ष से संसद की कार्यवाही में सहयोग करने की अपील की, लेकिन विपक्षी तेवरों को देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में संसद के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और टकराव देखने को मिलेगा।


