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    NEET UG 2026: रोज 4-5 घंटे की पढ़ाई और निरंतरता: आर्यमन सिंह सोलंकी बने MP टॉपर

    ​नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी किए गए NEET UG 2026 के परीक्षा परिणामों में जबलपुर के आर्यमन सिंह सोलंकी ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 46 हासिल कर पूरे मध्य प्रदेश में पहला स्थान (स्टेट टॉपर) प्राप्त किया है. आर्यमन ने 99.9977 परसेंटाइल स्कोर के साथ यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की है. चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले आर्यमन की यह सफलता देश भर के लाखों नीट (NEET) अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है.

    ​सफलता की अनूठी रणनीति: पढ़ाई को कभी बोझ नहीं माना

    ​अक्सर माना जाता है कि NEET जैसी कठिन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा को क्रैक करने के लिए रोजाना 14 से 16 घंटे की थका देने वाली पढ़ाई जरूरी है. लेकिन आर्यमन सोलंकी की रणनीति इसके बिल्कुल विपरीत और व्यावहारिक थी.

    • सीमित लेकिन केंद्रित पढ़ाई: आर्यमन ने बताया कि वे रोजाना सिर्फ चार से पांच घंटे ही पढ़ाई करते थे. उनका मानना है कि पढ़ाई के घंटों की संख्या से ज्यादा पढ़ाई की गुणवत्ता (Quality) और एकाग्रता मायने रखती है.
    • रुचि और समझ पर जोर: उन्होंने कभी भी पढ़ाई को अपने ऊपर बोझ या दबाव की तरह हावी नहीं होने दिया. जिस विषय या टॉपिक को पढ़ने में उनकी रुचि होती थी, उसे वे पूरे मन से और गहराई से समझते थे, जिससे चीजें लंबे समय तक याद रहती थीं.
    • निरंतरता (Consistency) ही कुंजी है: आर्यमन की सफलता का सबसे बड़ा मंत्र था—’हर दिन बिना नागा किए मेहनत करना’. उन्होंने अपनी तैयारी में निरंतरता बनाए रखी और कभी भी बैकलाग इकट्ठा नहीं होने दिया.

    ​माता-पिता डॉक्टर, 9वीं क्लास से ही बुनने लगे थे सपना

    ​आर्यमन के पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उनके माता-पिता दोनों ही चिकित्सा क्षेत्र (डॉक्टर) से जुड़े हैं. घर के इसी माहौल ने उन्हें बचपन से ही डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित किया. आर्यमन ने अपनी इस बड़ी परीक्षा की नींव काफी पहले ही रख दी थी और कक्षा 9वीं से ही उन्होंने बुनियादी स्तर पर नीट की तैयारी शुरू कर दी थी.

    ​लंबे समय की इसी मजबूत नींव और सही मार्गदर्शन का नतीजा रहा कि उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक में शीर्ष रैंक हासिल कर ली. अपनी इस शानदार उपलब्धि का पूरा श्रेय आर्यमन ने अपनी नियमित दिनचर्या, स्पष्ट लक्ष्यों, अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन और माता-पिता के अटूट सहयोग को दिया है.

    ​लक्ष्य: AIIMS दिल्ली से MBBS करना

    ​मध्य प्रदेश में पहला स्थान और देश में 46वीं रैंक हासिल करने के बाद अब आर्यमन का अगला पड़ाव देश का सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान है. वे देश के सर्वश्रेष्ठ मेडिकल कॉलेज एम्स (AIIMS), नई दिल्ली से अपनी MBBS की पढ़ाई पूरी करना चाहते हैं और आगे चलकर चिकित्सा के क्षेत्र में देश की सेवा करना चाहते हैं.

    तैयारी कर रहे छात्रों के लिए आर्यमन का संदेश:

    “परीक्षा की तैयारी के दौरान तनाव से दूर रहें. अपनी रुचि के अनुसार विषयों को गहराई से समझें और रोज थोड़ा-थोड़ा लेकिन नियमित रूप से पढ़ें. अगर आपका कॉन्सेप्ट क्लियर है, तो सफलता जरूर मिलेगी.”

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