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    होर्मुज में बाधा डाली तो गंभीर परिणाम होंगे, ट्रंप ने ईरान को दी सख्त चेतावनी

    पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच हुआ संघर्ष विराम (Ceasefire) पूरी तरह टूट चुका है, जिससे क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंका गहरा गई है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को विनाश की सीधी चेतावनी देते हुए बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।

    ट्रंप की ईरान को विनाश की खुली धमकी ताजा अपडेट्स के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान पर दागने के लिए 1000 मिसाइलें पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि ईरान ने अपनी हरकतों पर लगाम नहीं लगाई, तो उसे ऐसी तबाही और बमबारी का सामना करना पड़ेगा जिसे उसने पहले कभी नहीं देखा होगा। अमेरिका ने यह साफ कर दिया है कि वह ईरान के किसी भी आक्रामक कदम का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सैन्य रूप से पूरी तरह तैयार है।

    होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बना तनाव का केंद्र इस पूरे विवाद की मुख्य वजह होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर होने वाले हमले हैं। अमेरिका, होर्मुज में व्यापारिक और वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान द्वारा किए जा रहे हमलों से बेहद नाराज है। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने पहले भी ईरान से जुड़े ठिकानों पर हमले किए थे। अब अमेरिका ने अंतिम चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर होर्मुज में अंतरराष्ट्रीय जहाजों के आवागमन में बाधा डाली गई या उन पर हमले हुए, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

    लेबनान पर इजरायल के हमले जारी इस महासंकट के बीच इजरायल ने भी मोर्चे खोल रखे हैं। इजरायली सेना द्वारा लेबनान में लगातार हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों से पश्चिम एशिया में स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। एक तरफ जहां इजरायल लेबनान में सक्रिय चरमपंथी गुटों को निशाना बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच सीधे युद्ध की परिस्थितियां बन गई हैं।

    अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि यदि होर्मुज में तनाव कम नहीं हुआ और दोनों देशों ने संयम नहीं बरता, तो यह वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति के लिए एक बड़ा संकट बन सकता है। फिलहाल, अमेरिकी मिसाइलों की तैनाती और ट्रंप के कड़े बयानों ने ईरान को बैकफुट पर आने या फिर आर-पार की लड़ाई का विकल्प चुनने पर मजबूर कर दिया है।

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