पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) को अचानक रद्द करते हुए अमेरिकी सेना को दोबारा आक्रामक हमले करने का आदेश दे दिया है। व्हाइट हाउस के सूत्रों के मुताबिक, ओवल ऑफिस में हुई एक अत्यंत गुप्त और आपातकालीन ब्रीफिंग के बाद ट्रंप इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने तुरंत युद्धविराम खत्म करने की फाइल पर दस्तखत कर दिए। आइए जानते हैं कि ओवल ऑफिस की उस बंद कमरे की बैठक में आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने पूरी दुनिया को एक बड़े युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।
ओवल ऑफिस की वो सीक्रेट ब्रीफिंग
वाशिंगटन से मिल रही खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार देर रात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और सीआईए (CIA) के प्रमुख ने एक अत्यंत गोपनीय और ‘हाई-लेवल’ ब्रीफिंग दी। इस बैठक में ट्रंप के सामने कुछ सैटेलाइट तस्वीरें और खुफिया दस्तावेज पेश किए गए।
इन खुफिया जानकारियों में यह खुलासा हुआ कि ईरान ने युद्धविराम की आड़ में न केवल अपनी मिसाइल प्रणालियों को री-लोकेट (पुनर्गठित) किया है, बल्कि वह अमेरिकी ठिकानों पर एक बहुत बड़े और घातक ड्रोन हमले की साजिश रच रहा था।
आखिर किस बात से नाराज हुए ट्रंप?
डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी की मुख्य वजह ईरान द्वारा अमेरिका को दिया गया ‘धोखा’ बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में ट्रंप को तीन मुख्य इनपुट्स दिए गए, जिसने उन्हें हमले का आदेश देने पर मजबूर किया:
- परमाणु केंद्रों पर बढ़ी गतिविधि: खुफिया सैटेलाइट्स ने पकड़ा कि ईरान ने युद्धविराम के दौरान अपने भूमिगत परमाणु केंद्रों में सेंट्रीफ्यूज की संख्या बढ़ा दी है और यूरेनियम संवर्धन की गति को तेज कर दिया है।
- अमेरिकी नौसेना को निशाना बनाने की साजिश: ईरान समर्थित मिलिशिया और ईरानी नौसेना ने ओमान की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में अमेरिकी युद्धपोतों को घेरने और आत्मघाती ड्रोनों से हमला करने की पूरी तैयारी कर ली थी।
- शांति वार्ता का दिखावा: ट्रंप इस बात से बेहद खफा थे कि एक तरफ ईरान के राजनयिक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति वार्ता का नाटक कर रहे थे, और दूसरी तरफ पीठ पीछे अमेरिकी सैनिकों पर हमले की टाइमलाइन तय की जा रही थी।
ट्रंप का कड़ा रुख: ब्रीफिंग के तुरंत बाद ट्रंप ने अधिकारियों से कहा, “अमेरिका किसी भी धोखे को बर्दाश्त नहीं करेगा। अगर वे शांति का इस्तेमाल हमारे खिलाफ हथियार के रूप में कर रहे हैं, तो युद्धविराम का कोई औचित्य नहीं रह जाता।”
अमेरिकी सेना हाई-अलर्ट पर, हमलों का दौर शुरू
ट्रंप के इस आदेश के बाद खाड़ी क्षेत्र (सेंट्रल कमांड – CENTCOM) में तैनात अमेरिकी वायुसेना और नौसेना को तुरंत ‘एक्टिव मोड’ में डाल दिया गया है। आदेश मिलते ही अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने सीरिया और इराक की सीमा पर स्थित ईरान समर्थित ठिकानों पर बमबारी भी शुरू कर दी है।
पेंटागन ने बयान जारी कर कहा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से ‘प्रिवेंटिव’ (ऐहतियाती) है ताकि अमेरिकी हितों और सैनिकों की रक्षा की जा सके। इस घटनाक्रम के बाद अब कच्चे तेल (Crude Oil) के बाजारों में भारी उथल-पुथल मचने और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका गहरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।


