देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून ने निर्धारित समय से एक दिन की देरी के बाद राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को भी कवर कर लिया है। इसके साथ ही दिल्ली-NCR समेत देश के 18 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और आसमानी बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। मूसलाधार बारिश के चलते कई शहरों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और प्रमुख सड़कें दरिया में तब्दील हो गई हैं।
दिल्ली-NCR में जलभराव और ट्रैफिक जाम से हाहाकार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में गुरुवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। दिल्ली के मयूर विहार में सबसे अधिक 102.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पूसा, लोधी रोड और सफदरजंग वेधशाला में भी भारी बारिश रिकॉर्ड हुई।
लगातार हो रही इस बारिश ने नगर निगमों के दावों की पोल खोल दी है। सड़कों, अंडरपासों और रिहायशी इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया है। नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में जलभराव के कारण सुबह ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर पेड़ उखड़ने से घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे गाड़ियों की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लग गया है।
राज्यों का हाल: उत्तर से दक्षिण तक आफत
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में मानसून का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में ‘रेड और ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। यूपी के बुलंदशहर और कुशीनगर समेत कई जिलों में दीवार गिरने और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से करीब पांच लोगों की मौत की खबर है।
- गुजरात और महाराष्ट्र: गुजरात के सूरत में बीते कुछ दिनों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 17 लोगों की जान जा चुकी है, जहां निचले इलाकों से 4,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मुंबई में भी लगातार बारिश के कारण पेड़ गिरने की 1700 से अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं।
- दक्षिण भारत: केरल के मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों में भारी बारिश के मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह
आईएमडी ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड और मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अनुमान जताया है। हालांकि, 11 जुलाई से बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है।
सुरक्षा सलाह: मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम, तेज हवाओं और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें। जलभराव वाले अंडरपास और कमजोर ढांचों (जैसे पुरानी दीवारें या पेड़) के पास जाने से परहेज करें और केवल सुरक्षित स्थानों पर ही शरण लें।


