पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 17 जून को हुए अंतरिम शांति समझौते (MoU) को खत्म करने के एलान और उसके बाद अमेरिकी सेना द्वारा ईरान पर किए गए भीषण हवाई हमलों के बाद दोनों देश आमने-सामने आ गए हैं। अमेरिकी हमलों से बौखलाए ईरान ने अब तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने न केवल अमेरिका पर शांति समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे तौर पर ‘अपराधी और हत्यारे’ करार दिया है।
‘ट्रंप एक अपराधी और हत्यारे हैं’
ईरानी अधिकारियों और वहां के सरकारी मीडिया ने डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। दरअसल, यह गुस्सा इस साल 28 फरवरी को एक अमेरिकी हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के मारे जाने और हाल ही में ट्रंप द्वारा दिए गए बयानों को लेकर है। ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका के पास खामेनेई के जनाजे के दौरान ईरानी नेतृत्व को खत्म करने का मौका था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, फिर भी ईरान ने उनके जहाजों पर रॉकेट दाग दिए। इस बयान और ताजा हवाई हमलों के बाद ईरान ने ट्रंप को अंतरराष्ट्रीय नियमों को ताक पर रखने वाला एक क्रूर अपराधी बताया है।
ईरानी विदेश मंत्रालय का बयान: “समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता पर आधारित था, लेकिन अमेरिका ने पहले दिन से ही कोई सद्भावना नहीं दिखाई। अमेरिकी सेना द्वारा हमारी संप्रभुता पर किए गए ये हिंसक हमले और एकतरफा कार्रवाई सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों और इस्लामाबाद समझौते का खुला उल्लंघन हैं।”
ईरान ने लगाए कई गंभीर आरोप
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बकाई और उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने अमेरिका पर कई गंभीर आरोप मढ़े हैं:
- MoU की शर्तों का उल्लंघन: ईरान का कहना है कि समझौते की धारा 5 (Article Five) के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा व्यवस्था तय करने का अधिकार पूरी तरह ईरान के पास था। अमेरिका ने इस प्रावधान को चुनौती देकर और हमारे ठिकानों पर हमला करके खुद समझौते को तोड़ा है।
- तेल व्यापार पर जबरन रोक: ईरान ने अमेरिका द्वारा उस अस्थायी लाइसेंस (छूट) को रद्द करने की भी कड़ी निंदा की है, जिसके तहत युद्धविराम के दौरान ईरान को तेल बेचने की अनुमति दी गई थी। ईरान ने इसे आर्थिक आतंकवाद और धोखेबाजी करार दिया है।
- अविश्वसनीय साझेदार: ईरान ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप का यह कहना कि ‘ईरानी धोखेबाज हैं’, उनके अपने पाखंड को दर्शाता है। इतिहास गवाह है कि अमेरिका कभी भी अपने समझौतों पर टिकने वाला विश्वसनीय देश नहीं रहा है।
ईरान की चेतावनी- ‘नहीं झुकेंगे, पूरा बदला लेंगे’
तनाव के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिकी सैन्य दबाव के आगे घुटने नहीं टेकेगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अपनी पूरी सैन्य ताकत का इस्तेमाल करेगा। इसके तहत ईरान ने पहले ही बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागकर और होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद करने की धमकी देकर अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं।


