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    टीम इंडिया को चैंपियन बनाने वाले संजू सैमसन बाहर, 3 मैचों में 12 गेंदें पड़ीं भारी

    भारतीय क्रिकेट में चयन नीतियों को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। टी20 विश्व कप 2026 में टीम इंडिया को चैंपियन बनाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन को जिम्बाब्वे दौरे के लिए टी20 टीम से बाहर कर दिया गया है। यह फैसला तब आया है जब विश्व कप के ठीक बाद उन्हें केवल 3 मैचों में महज 12 गेंदें खेलने का मौका मिला। ऐसे में सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि क्या बीसीसीआई (BCCI) संजू सैमसन के साथ दोबारा अन्याय कर रहा है?

    इस पूरे विवाद और इसके पीछे के मुख्य पहलुओं को नीचे दिए गए बिंदुओं से समझा जा सकता है:

    विश्व कप के ‘महान नायक’ से सीधे टीम से बाहर

    • प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का सफर: संजू सैमसन टी20 विश्व कप 2026 में भारत की खिताबी जीत के सबसे बड़े हीरो थे, जहां उन्होंने नॉकआउट चरण, सेमीफाइनल और फाइनल में लगातार तीन मैच जिताऊ (“विश्वविजयी”) पारियां खेलकर ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का खिताब जीता था।
    • 12 गेंदों की नाकामी पड़ी भारी: विश्व कप के बाद आयरलैंड दौरे के दो मैचों और इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में संजू सैमसन का बल्ला नहीं चला। इन तीनों पारियों को मिलाकर उन्होंने कुल 12 गेंदें खेलीं और केवल 6 रन बनाए।
    • बेंच पर बिठाया और फिर ड्रॉप किया: लगातार तीन अंतरराष्ट्रीय पारियों में असफल रहने के कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 की प्लेइंग-11 से बाहर कर 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू कराया गया। अब, जिम्बाब्वे दौरे की घोषित 15-सदस्यीय टीम से उन्हें पूरी तरह ड्रॉप कर दिया गया है।

    क्या बीसीसीआई दे रहा है गलत संदेश? (विशेषज्ञों का रुख)

    संजू सैमसन को इतनी जल्दी टीम से बाहर किए जाने पर क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों का गुस्सा फूट पड़ा है:

    • संजय मांजरेकर का सवाल: पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने टीम प्रबंधन के इस रवैये पर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने एक्स (X) पर लिखा कि वैभव सूर्यवंशी को मौका देना अच्छी बात है, लेकिन प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे खिलाड़ी को तीन मैचों की नाकामी पर ड्रॉप करना सबसे अजीब चयन है। सैमसन आसानी से नंबर-3 पर खेल सकते थे।
    • सुरक्षा की भावना का अभाव: आलोचकों का मानना है कि इस तरह के फैसलों से खिलाड़ियों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है। जब वर्ल्ड कप जिताने वाले खिलाड़ी का स्थान महज 12 गेंदों के खराब प्रदर्शन से छिन सकता है, तो टीम के बाकी खिलाड़ियों को चयन स्थिरता पर क्या संदेश जाएगा?

    चयनकर्ताओं के फैसले के पीछे के तर्क

    हालांकि, चयन समिति (जिसके मुखिया अजीत अगरकर हैं) और मुख्य कोच गौतम गंभीर के इस कड़े कदम के पीछे कुछ रणनीतिक कारण भी माने जा रहे हैं:

    मुख्य कारणविवरण
    वैभव सूर्यवंशी का उभार15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में ऑरेंज कैप जीतकर (776 रन) सनसनी मचाई है, जिससे टीम भविष्य की ओर देख रही है।
    निरंतरता की पुरानी समस्यासंजू के पूरे करियर में निरंतरता (Consistency) की कमी एक बड़ा मुद्दा रही है, जहां वे बड़ी पारियों के बाद लगातार फ्लॉप होते रहे हैं।
    अन्य विकल्पटीम में जिम्बाब्वे दौरे के लिए विकेटकीपर के तौर पर प्रभसिमरन सिंह (जिन्होंने पंजाब किंग्स के लिए 510 रन बनाए) और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों को तरजीह दी गई है।

    धोनी कनेक्शन पर चर्चा: सोशल मीडिया पर फैंस इस बात को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं कि संजू सैमसन ने हाल ही में स्टार स्पोर्ट्स को दिए इंटरव्यू में एमएस धोनी को अपना सबसे बड़ा हीरो बताया था, जिसके बाद से अचानक उनके चयन पर गाज गिर गई।

    निष्कर्ष: संजू सैमसन का करियर एक बार फिर चौराहे पर खड़ा है। उनके समर्थक इसे बीसीसीआई का बेहद संकीर्ण और जल्दबाजी में लिया गया फैसला मान रहे हैं, जिसने उनके विश्व कप के ऐतिहासिक योगदान को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।

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