उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार (6 जुलाई 2026) को हुई कैबिनेट बैठक में कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगी है। इस बैठक में कुल 29 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से 28 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बैठक में लिए गए अहम निर्णयों की जानकारी साझा की। कैबिनेट बैठक के प्रमुख फैसले और मुख्य हाइलाइट्स इस प्रकार हैं:
1. जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर हुआ ‘परशुरामपुरी’
कैबिनेट ने शाहजहाँपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने के प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी है।
धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व: यह स्थान भगवान परशुराम की पावन जन्मस्थली के रूप में जाना जाता है। IANS LIVE
- राज्य सरकार द्वारा 25 जून 2025 को इसके नाम परिवर्तन का अनुरोध किया गया था, जिसके बाद अब केंद्र सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने पर कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी।
2. 1.60 लाख होमगार्ड्स को ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज
प्रदेश के कानून-व्यवस्था मोर्चे पर डटे होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए सरकार ने बड़ा कल्याणकारी कदम उठाया है।
- कैबिनेट ने राज्य के करीब 1.60 लाख होमगार्ड्स और उनके आश्रितों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को पास कर दिया है। अब होमगार्ड्स भी आयुष्मान योजना की तर्ज पर सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज करा सकेंगे।
3. पदक विजेता खिलाड़ियों की होगी सीधी भर्ती
खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं (ओलंपिक, एशियाई खेल, कॉमनवेल्थ आदि) में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की सीधी भर्ती से जुड़े नियमों में संशोधन किया गया है।
- संशोधित नियमों के तहत अब पात्र पदक विजेता खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में समूह ‘ख’ (Group B) और समूह ‘ग’ (Group C) के पदों पर सीधे सरकारी नौकरी दी जा सकेगी।
अन्य महत्वपूर्ण कैबिनेट फैसले:
उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और स्टार्टअप मिशन: प्रदेश में नवाचार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति-2026 और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन के गठन को मंजूरी दी गई। इसके तहत ₹1000 करोड़ के स्टार्टअप फंड का प्रावधान किया गया है। साथ ही, समाप्त हो चुकी डेटा सेंटर नीति को भी दोबारा लागू करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना: पशुपालकों के हित में इस नई बीमा योजना को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत प्राकृतिक आपदा, बीमारी या दुर्घटना में पशु की मृत्यु होने पर बीमा लाभ मिलेगा। इसमें 85% प्रीमियम सरकार और केवल 15% पशुपालक वहन करेंगे।
श्रम विभाग के तहत मेडिकल कॉलेज व अस्पताल: वाराणसी में ईएसआईसी (ESIC) मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए निःशुल्क भूमि आवंटित की जाएगी, जिसकी आधी सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित होंगी। इसके अलावा, गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल स्थापित करने के लिए भी भूमि देने का निर्णय लिया गया।
तीन नए निजी विश्वविद्यालय: कैबिनेट ने प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए बिल्हौर में महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय, गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय और फतेहपुर में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी है।


