वार्षिक अमरनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों के नाम एक विशेष पत्र जारी किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा किए गए इस संदेश में पीएम मोदी ने “हर हर महादेव! जय बाबा बर्फानी!” के उद्घोष के साथ सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनकी सुरक्षित व मंगलमय यात्रा की कामना की।
प्रधानमंत्री ने अमरनाथ यात्रा को भारत की सनातन परंपरा और सांस्कृतिक एकता का एक शाश्वत अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने से अलग-अलग भाषाएं, प्रांत और विविध परंपराओं को मानने वाले लोग एक ही आस्था के संकल्प के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं, जो भारत की ‘विविधता में एकता’ का अद्भुत उदाहरण है।
अपनी इस चिट्ठी में पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं से यात्रा को और अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और समृद्ध बनाने के लिए पांच विशेष संकल्प लेने का आह्वान किया है:
पीएम मोदी के पांच संकल्प (Five Sankalps)
- पहला संकल्प (स्वच्छता): यात्रा मार्ग और पवित्र गुफा के आसपास पूरी तरह से स्वच्छता के नियमों का पालन करें और पर्यावरण को नुकसान न पहुँचाएं।
- दूसरा संकल्प (सुरक्षा और नियम): प्रशासन के आदेशों, यातायात के नियमों और सुरक्षा बलों द्वारा दिए गए निर्देशों का पूरी निष्ठा के साथ पालन करें। पहाड़ी रास्तों पर मौसम के बदलाव और फिसलन को लेकर विशेष सावधानी बरतें।
- तीसरा संकल्प (वोकल फॉर लोकल): स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपनी यात्रा के कुल खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा जम्मू-कश्मीर के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और सेवाओं पर खर्च करें ताकि वहां के युवाओं और परिवारों की आजीविका को बढ़ावा मिले।
- चौथा संकल्प (पर्यावरण संरक्षण): केंद्र सरकार के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए, यात्रा के समापन (रक्षाबंधन) पर अपने भाई या बहन को एक पौधा उपहार में दें या एक वृक्ष जरूर लगाएं।
- पांचवां संकल्प (राष्ट्र प्रथम): यात्रा से मिलने वाली आध्यात्मिक ऊर्जा को अपने दैनिक जीवन में उतारें और ‘नेशन फर्स्ट’ (राष्ट्र प्रथम) की भावना के साथ वर्षभर अपने कर्तव्यों का पालन कर ‘विकसित भारत’ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।


