पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड (Ketan Agarwal Murder Case) में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, उसकी मंगेतर सिया गोयल (Siya Goyal) के खौफनाक और शातिर मंसूबे सामने आ रहे हैं। पुलिस पूछताछ और फॉरेंसिक जांच में यह साफ हो गया है कि यह कोई अचानक हुआ हादसा नहीं, बल्कि बेहद ठंडे दिमाग से रची गई एक सुनियोजित और क्रूर साजिश थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस केस को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाने की मंजूरी दे दी है।
गूगल पर ‘डेथ पॉइंट’ की खोज और पुलिस के सवालों की रटंत
पुलिस की टेक्निकल और डिजिटल इन्वेस्टिगेशन में सिया के मोबाइल और सर्च हिस्ट्री से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
- डेथ पॉइंट (Death Point) की मैपिंग: हत्या की जगह तय करने के लिए सिया ने गूगल पर लोहागढ़ किले (Lohagad Fort) के सबसे ऊंचे और खतरनाक मोड़ों को ‘डेथ पॉइंट’ के रूप में सर्च किया था। वह ऐसा पॉइंट तलाश रही थी जहां से गिरने पर बचने की कोई गुंजाइश न रहे।
- सवालों के जवाब पहले से रटे: गिरफ्तारी और पूछताछ से बचने के लिए सिया ने पहले से ही स्क्रिप्ट तैयार कर रखी थी। पुलिस अगर हादसे को लेकर कोई सवाल पूछेगी, तो उसका क्या रोना है और क्या जवाब देना है, उसने इसके बकायदा रट्टे मार रखे थे ताकि वह पूरी तरह बेगुनाह दिख सके।
- चैट और रिसाइकल बिन साफ: वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने अपने फोन की तमाम व्हाट्सएप चैट, कॉल लॉग्स डिलीट कर दिए और फोन के रिसाइकल बिन को भी पूरी तरह खाली कर दिया। हालांकि, पुलिस ने दोनों के फोन फॉरेंसिक लैब (FSL) भेज दिए हैं।
मर्डर से पहले बाली ट्रिप कैंसिल कराने के लिए चोरी किया पासपोर्ट
जांच में यह भी सामने आया कि केतन और सिया का बाली (Bali) में एक प्री-वेडिंग ट्रिप प्लान था। सिया चूंकि केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और अपने प्रेमी चेतन के साथ रहना चाहती थी, इसलिए उसने ट्रिप से कुछ हफ्ते पहले ही केतन का पासपोर्ट चुपके से चुराकर नष्ट कर दिया। पासपोर्ट खो जाने के कारण यह विदेशी दौरा रद्द करना पड़ा, जो इस पूरी खौफनाक साजिश की पहली सीढ़ी थी।
दो बार फेल हुई साजिश, कैफे में बना फाइनल प्लान
पुलिस सूत्रों के अनुसार, केतन को रास्ते से हटाने की साजिश एक झटके में नहीं बनी, बल्कि इसके लिए कई बार कोशिशें की गईं:
- विफल प्रयास: 31 मई को पहली बार योजना बनाने के बाद, 14 जून को लोहागढ़ किले पर ही केतन को धक्का देने का पहला प्रयास हुआ, लेकिन वहां अचानक एक सांप आ जाने से योजना टल गई। 18 जून को दूसरी कोशिश में धक्का देने पर केतन को मामूली चोटें आईं, जिसे उसने सिया की लापरवाही (गलती) समझकर नजरअंदाज कर दिया।
- दो बार नाकाम होने के बाद प्रेमी चेतन चौधरी ने कमान अपने हाथ में ली। उसने सिया से कहा, “तुमसे नहीं हो पाएगा, अब मैं इस काम को अंजाम दूँगा”। हत्या से ठीक एक दिन पहले दोनों पुणे के एक कैफे में करीब एक घंटे तक बैठे और तीसरी व अंतिम जानलेवा योजना को अंतिम रूप दिया।
- फिलहाल, पुलिस रिमांड के दौरान सलाखों के पीछे पहुंचे सिया और चेतन अब खुद को बचाने के लिए एक-दूसरे पर दोष मढ़ने में लगे हैं।


