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    जैसे ही नीचे झुक जाऊं, समझ लेना.. सिया ने चेतन के साथ मिलकर बनाया था शातिर ‘कोडवर्ड’

    पुणे के चर्चित केतन मर्डर केस (Ketan Murder Case) की जांच में पुलिस ने एक चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा किया है। इस हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया ने चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को मौत के घाट उतारने के लिए एक बेहद शातिर ‘कोडवर्ड’ और गुप्त सिग्नल (Secret Signal) तैयार किया था। पुलिस पूछताछ और जांच के दौरान सामने आए इन तथ्यों ने इस पूरी साजिश की क्रूरता को उजागर कर दिया है।

    क्या था वो खौफनाक ‘कोडवर्ड’?

    पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि सिया और चेतन चौधरी ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए पहले से ही पूरी प्लानिंग कर रखी थी। वारदात वाले दिन सिया केतन को एक ऐसी जगह पर लेकर गई जहां से उसे धक्का देकर मारना आसान था।

    अपराध को अंजाम देने के ठीक पहले का जो विवरण सामने आया है, उसके मुताबिक सिया ने अपने साथी को पहले ही समझा दिया था कि जैसे ही सही मौका आएगा, वह एक खास शारीरिक इशारा (Sign) करेगी। सिया ने अपने साथी से कहा था:

    “जैसे ही मैं नीचे झुक जाऊं, तुम समझ लेना कि सही वक्त आ गया है और तुरंत केतन को धक्का मार देना।”

    जैसे ही वे तय स्थान पर पहुंचे, सिया ने योजना के मुताबिक झुकने का नाटक किया, जिसे देखते ही सह-आरोपी ने केतन को धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

    जांच में हुए कई अन्य चौंकाने वाले खुलासे

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कोई अचानक आवेश में आकर किया गया अपराध नहीं था, बल्कि इसे ठंडे दिमाग से सोची-समझी साजिश (Pre-planned Murder) के तहत अंजाम दिया गया था:

    • रेकी और लोकेशन का चुनाव: आरोपियों ने वारदात से पहले उस जगह की कई बार रेकी की थी, ताकि यह पक्का किया जा सके कि वहां कोई चश्मदीद या सीसीटीवी कैमरा न हो।
    • मोबाइल डेटा और चैट डिलीट: अपराध को अंजाम देने के तुरंत बाद, दोनों आरोपियों ने आपस में की गई बातचीत, कॉल लॉग्स और व्हाट्सएप चैट्स को पूरी तरह डिलीट कर दिया था ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। हालांकि, फॉरेंसिक टीम (FSL) की मदद से पुलिस इस डेटा को रिकवर करने का प्रयास कर रही है।
    • बदलते बयान: शुरुआत में सिया ने पुलिस को गुमराह करने के लिए इसे एक महज हादसा बताने की कोशिश की थी, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्य सामने रखे, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

    आगे की कानूनी कार्रवाई

    इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए गुप्त कोड और डिजिटल सबूतों को अपनी चार्जशीट का हिस्सा बनाने की तैयारी कर ली है। दोनों मुख्य आरोपियों को रिमांड पर लेकर पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्याकांड में किसी अन्य बाहरी व्यक्ति ने भी उनकी मदद की थी। अदालत में इस पुख्ता कूटनीतिक और तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की कोशिश की जा रही है।

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