भारत-ए (India A) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए त्रिकोणीय सीरीज (Tri-Series) के खिताबी मुकाबले में श्रीलंका-ए (Sri Lanka A) को 66 रनों से करारी शिकस्त देकर ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया है। भारत की इस खिताबी जीत के महानायक रहे युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi), जिनकी ‘वैभवशाली’ और आतिशी शतकीय पारी के दम पर भारत ने श्रीलंका के सामने विशाल लक्ष्य रखा और फिर गेंदबाजों के सटीक प्रदर्शन से खिताबी फतह हासिल की।
वैभव सूर्यवंशी का धमाकेदार शतक
फाइनल मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत-ए की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए मैदान के चारों तरफ शॉट खेले।
- आतिशी पारी: वैभव ने महज 74 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। उन्होंने आउट होने से पहले 118 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 12 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के शामिल थे।
- मजबूत स्कोर: वैभव सूर्यवंशी की इस दमदार पारी और मध्यक्रम में कप्तान के उपयोगी योगदान की बदौलत भारत-ए ने निर्धारित 50 ओवरों में 312/8 का विशाल स्कोर खड़ा किया। श्रीलंका की ओर से गरुका शंखथ ने सबसे ज्यादा 3 विकेट चटकाए, लेकिन वे रनों की गति पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे।
रनों के पहाड़ के नीचे दबी श्रीलंकाई टीम
313 रनों के विशाल और चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका-ए की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज गेंदबाजों ने नई गेंद से सटीक लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी की और पावरप्ले में ही श्रीलंका के शीर्ष क्रम को झकझोर दिया।
- नियमित अंतराल पर गिरे विकेट: श्रीलंकाई मध्यक्रम ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय स्पिनरों के चक्रव्यूह के आगे उनकी एक न चली। श्रीलंका की ओर से पवन रथनायके ने सर्वाधिक 64 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का लंबा साथ नहीं मिल सका।
- गेंदबाजों का जलवा: भारत-ए के लिए तेज गेंदबाज राजवर्धन हंगरगेकर और स्पिनर मानव सुथार ने धारदार गेंदबाजी करते हुए 3-3 विकेट अपने नाम किए। पूरी श्रीलंकाई टीम 46.2 ओवरों में 246 रनों पर ढेर हो गई।
भारत की बादशाहत
टूर्नामेंट का सफर: इस त्रिकोणीय सीरीज में भारत-ए, श्रीलंका-ए और बांग्लादेश-ए की टीमों ने हिस्सा लिया था। पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम ने दबदबा बनाए रखा और फाइनल में श्रीलंका को चारों खाने चित कर यह साबित कर दिया कि भारत की बेंच स्ट्रेंथ कितनी मजबूत है।
वैभव सूर्यवंशी को उनकी इस शानदार मैच जिताऊ शतकीय पारी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। डोमेस्टिक क्रिकेट और आईपीएल के बाद अब भारत-ए के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर वैभव के इस प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान निश्चित रूप से अपनी ओर खींचा है। इस खिताबी जीत के साथ ही भारत-ए के युवा खिलाड़ियों ने आगामी बड़े दौरों के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।


