देशभर में हाल ही में मोबाइल फोन पर अचानक बजने वाले तेज आपातकालीन सायरन (Emergency Alert) को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के एक आदेश के बाद, आपातकालीन चेतावनियां भेजने वाले ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम’ (Cell Broadcast Alert System) को अगले आदेश तक के लिए निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।
सफल ट्रायल के बाद अचानक इस सेवा पर रोक लगाने के पीछे एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें आधी रात को देश के प्रधानमंत्री का नंबर भी इस तेज सायरन से गूंज उठा था।
क्या है पूरा मामला और क्यों लगी रोक?
रिपोर्ट्स के अनुसार, 12 जून 2026 के बाद केंद्र सरकार ने इस सर्विस को अस्थायी रूप से होल्ड पर रख दिया है। इसके पीछे मुख्य कारण आधी रात को जारी हुआ एक अलर्ट था:
- PM के नंबर पर बजा सायरन: उत्तर प्रदेश और हरियाणा की आपदा प्रबंधन इकाइयों (Disaster Management Units) द्वारा आधी रात को एक आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया था। यह तकनीकी अलर्ट अनपेक्षित रूप से देश के प्रधानमंत्री के संपर्क नंबर (Contact Number) तक भी जा पहुंचा।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन: आमतौर पर देश की वीवीआईपी (VVIP) और महत्वपूर्ण हस्तियों के नंबरों को ऐसे सार्वजनिक अलर्ट सिस्टम की लिस्ट से बाहर रखा जाता है।
- साइलेंट मोड में भी बजता है सायरन: इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अगर उपभोक्ता का फोन ‘साइलेंट मोड’ पर हो या पूरी तरह से ‘स्विच ऑफ’ हो, तो भी यह बेहद तेज हूटिंग सायरन की आवाज करता है। आधी रात को इस घटना के बाद सक्षम अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और एनडीएमए (NDMA) ने इसे तुरंत रोकने की एडवाइजरी जारी कर दी।
क्या है सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक और यह क्यों जरूरी है?
यह भारत सरकार द्वारा विकसित एक आधुनिक मोबाइल-आधारित आपदा चेतावनी प्रणाली है, जिसे इसी साल मई में दूरसंचार विभाग (DoT) और C-DOT ने मिलकर लॉन्च किया था।
- नंबर की जरूरत नहीं: साधारण एसएमएस (SMS) के विपरीत, इस सिस्टम को संदेश भेजने के लिए किसी के व्यक्तिगत मोबाइल नंबर की आवश्यकता नहीं होती।
- एक साथ करोड़ों तक पहुंच: यह तकनीक मोबाइल टावर के नेटवर्क एरिया पर काम करती है। एक विशिष्ट भौगोलिक दायरे (Geographical Area) में मौजूद सभी मोबाइल फोन्स पर एक साथ फ्लैश मैसेज और सायरन भेजा जा सकता है।
- नेटवर्क जाम में भी प्रभावी: भूकंप, चक्रवात, बाढ़ या किसी रासायनिक रिसाव जैसी बड़ी आपदा के समय जब सामान्य मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट ठप हो जाते हैं, तब भी यह सिस्टम हार्डवेयर स्तर पर काम करता है ताकि लोगों की जान समय रहते बचाई जा सके।
आगे क्या?
अधिकारियों का कहना है कि यह रोक पूरी तरह अस्थायी (Temporary) है। इस दौरान सिस्टम की तकनीकी खामियों और परिचालन प्रोटोकॉल (Operational Protocols) की समीक्षा की जा रही है। सुरक्षा मानकों और तकनीकी सुधारों को पूरा करने के बाद इसे सुरक्षित तरीके से दोबारा बहाल किया जाएगा।


