वैश्विक स्तर पर हथियारों और सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने वाली संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की वर्ष 2026 की लेटेस्ट रिपोर्ट में भारत के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पिछले एक साल में अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को बढ़ाने में पाकिस्तान को काफी पीछे छोड़ दिया है और इसकी रफ्तार अब चीन के करीब पहुंचती दिख रही है।
भारत और पाकिस्तान का परमाणु स्कोर (2025 vs 2026)
सिप्री (SIPRI) के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने पिछले एक साल के भीतर 10 नए परमाणु बमों का निर्माण किया है:
- भारत: जनवरी 2025 में भारत के पास अनुमानित 180 परमाणु हथियार थे, जो जनवरी 2026 तक बढ़कर 190 हो गए हैं।
- पाकिस्तान: दूसरी ओर, आर्थिक तंगी और आंतरिक हालातों से जूझ रहे पाकिस्तान के परमाणु जखीरे में पिछले एक साल में कोई बढ़ोतरी नहीं दर्ज की गई है। साल 2025 की तरह 2026 में भी उसके पास हथियारों की संख्या 170 पर ही स्थिर है।
इस प्रकार भारत अब परमाणु शक्ति के मामले में पाकिस्तान से काफी आगे निकल चुका है।
‘ऑपरेशन सिन्दूर’ के बाद बदला समीकरण
रणनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ (Operation Sindoor) के बाद से भारत ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक प्रतिरोध (Deterrence) को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इस सैन्य गतिरोध के बाद भारत ने अपनी टू-फ्रंट (चीन और पाकिस्तान) चुनौतियों को देखते हुए परमाणु हथियारों के आधुनिकीकरण और उनकी संख्या बढ़ाने की रफ्तार को काफी तेज कर दिया है।
वैश्विक स्तर पर महाशक्तियों की स्थिति
सिप्री की रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि दुनिया की दो सबसे बड़ी परमाणु ताकतें (अमेरिका और रूस) अपने हथियारों की संख्या में मामूली कमी कर रही हैं, जबकि चीन और भारत की रफ्तार बढ़ रही है:
| देश | 2025 में परमाणु हथियार | 2026 में परमाणु हथियार | स्थिति |
| रूस | 5,459 | 5,420 | गिरावट |
| अमेरिका | 5,177 | 5,042 | गिरावट |
| चीन | 600 | 620 | तेजी से बढ़ोतरी |
| ब्रिटेन | 225 | 225 | स्थिर |
| भारत | 180 | 190 | तेजी से बढ़ोतरी |
| पाकिस्तान | 170 | 170 | स्थिर |
चीन की बढ़ती चुनौती
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि चीन बहुत ही तूफानी रफ्तार से अपने परमाणु बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है। उसने एक साल में 20 नए वॉरहेड जोड़कर अपनी संख्या 620 कर ली है। साथ ही, चीन के पास जमीन से लॉन्च होने वाली मिसाइलों के लिए 775 साइलो (Silos) हैं, जो इस क्षेत्र में एक बड़े सैन्य संतुलन के बदलाव की ओर इशारा करते हैं। इसी चीनी चुनौती का जवाब देने के लिए भारत भी अपनी मिसाइल प्रणालियों और वॉरहेड्स का लगातार विस्तार कर रहा है।


