घरेलू एलपीजी सिलिंडर (LPG Cylinder) की कीमतों में हाल ही में हुई 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद देश में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। इस मुद्दे पर विपक्ष और केंद्र सरकार आमने-सामने आ गए हैं। एक तरफ जहां विपक्ष इसे आम जनता की जेब पर डाका बता रहा है, वहीं सरकार का तर्क है कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत में रसोई गैस दुनिया के कई देशों के मुकाबले काफी सस्ती है।
विपक्ष के तीखे सवाल: सरकार को घेरा
कीमतों में वृद्धि लागू होते ही मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस और अन्य दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष ने सरकार को ‘महंगाई’ के मुद्दे पर घेरते हुए निम्नलिखित सवाल उठाए हैं:
- बजट पर सीधा हमला: विपक्ष का कहना है कि पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है, जिसने मध्यम और निम्न वर्ग के घरेलू बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
- अंतरराष्ट्रीय कीमतों का लाभ क्यों नहीं?: विपक्षी नेताओं का आरोप है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें कम होती हैं, तब सरकार उसका फायदा जनता को नहीं देती। लेकिन जैसे ही वैश्विक दबाव बढ़ता है, उसका पूरा बोझ आम उपभोक्ताओं पर डाल दिया जाता है।
- चुनाव के बाद का पैटर्न: विपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार चुनावी दौर में कीमतें स्थिर रखती है और जैसे ही राजनीतिक सरगर्मियां कम होती हैं, जनता को महंगाई का झटका दे दिया जाता है।
सरकार का जवाब: ‘भारत में रसोई गैस दुनिया में सबसे सस्ती’
विपक्ष के इन आरोपों पर पलटवार करते हुए सरकारी सूत्रों और पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी जरूरत की अधिकांश एलपीजी का आयात करता है, जिससे वैश्विक बाजार की अस्थिरता का असर घरेलू कीमतों पर पड़ना स्वाभाविक है।
सरकार का दावा है कि भारी वित्तीय घाटा उठाने और सब्सिडी देने के कारण आज भी भारत में रसोई गैस की कीमतें दुनिया के कई प्रमुख देशों की तुलना में सबसे कम स्तर पर बनी हुई हैं। सरकार के मुताबिक, अगर सब्सिडी और राहत उपाय न होते, तो वैश्विक बाजार में मची उथल-पुथल के कारण कीमतें कहीं ज्यादा होतीं।
विदेशों में क्या है स्थिति? (ग्लोबल कीमतों से तुलना)
अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलिंडर के समकक्ष दरों की तुलना भारतीय रुपयों में की जाए, तो वैश्विक स्तर पर कीमतें इस प्रकार हैं:
| देश | अनुमानित कीमत (भारतीय रुपये में) |
| भारत | ₹942.00 (दिल्ली में) |
| पाकिस्तान | ₹1,100 – ₹1,300 |
| श्रीलंका | ₹1,250 – ₹1,400 |
| नेपाल | ₹1,150 – ₹1,200 |
| यूनाइटेड किंगडम (UK) | ₹2,300 – ₹2,600 |
| ऑस्ट्रेलिया | ₹2,500 – ₹2,800 |
| अमेरिका (USA) | ₹2,800 – ₹3,200 |
सरकार का कहना है कि विकसित देशों (जैसे अमेरिका और यूके) के साथ-साथ पड़ोसी देशों (जैसे पाकिस्तान और श्रीलंका) की तुलना में भी भारतीय उपभोक्ताओं को काफी किफायती दामों पर ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे यह साफ होता है कि वैश्विक ऊर्जा संकट (West Asia Crisis) के बीच भी सरकार नागरिकों के हितों की रक्षा कर रही है।


