बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ (जग्गू दादा) एक बार फिर बच्चों को लुभाने के लिए पर्दे पर लौट आए हैं। उनकी नई फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो- एलियन्स का आगमन’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक मनीष सैनी द्वारा निर्देशित यह फिल्म एक दादा और पोते के प्यारे और काल्पनिक रिश्ते के इर्द-गिर्द बुनी गई है। अगर आप वीकेंड पर बच्चों के साथ किसी साफ-सुथरी और मनोरंजक फिल्म की तलाश में हैं, तो यह एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म की कहानी 11 साल के बच्चे दीपू (मिहिर गोडबोले) की है, जो एक नए शहर में शिफ्ट होता है। अपने नए क्लासमेट्स को प्रभावित करने के लिए वह एक झूठी कहानी गढ़ देता है कि उसके दादाजी (जैकी श्रॉफ) कोई आम इंसान नहीं, बल्कि एक सीक्रेट सुपरहीरो हैं जो धरती को एलियंस के हमले से बचाने की तैयारी कर रहे हैं। यह मासूम सा झूठ तब एक मजेदार और रोमांचक मोड़ ले लेता है, जब सचमुच एलियंस का आगमन होने लगता है। अब देखना यह है कि क्या जग्गू दादा सच में सुपरहीरो बनकर दुनिया बचा पाते हैं या उनकी पोल खुल जाती है?
दमदार एक्टिंग और भरपूर एंटरटेनमेंट
- जैकी श्रॉफ का जलवा: जैकी श्रॉफ ने एक बुजुर्ग और प्यार करने वाले दादा के किरदार को बेहद बखूबी जिया है। फिल्म के कुछ दृश्य, जैसे उनका छिपकली और इंजेक्शन से डरना, दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर देता है और उनके ‘सुपरहीरो’ वाले औरा में मजेदार तड़का लगाता है।
- कलाकारों का साथ: बाल कलाकार मिहिर गोडबोले और शिवांश चोर्गे ने अपनी मासूमियत से दिल जीत लिया है। इसके अलावा भाग्यश्री पटवर्धन, प्रतीक स्मिता पाटिल, सहर्ष शुक्ला और कुमार सौरभ ने भी अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है।
- कॉमेडी और ह्यूमर: फिल्म में बच्चों के नजरिए से लिखा गया हल्का-फुल्का ह्यूमर और शानदार कॉमेडी है, जो आपको फिल्म से बांधे रखती है।
फिर कहां कमजोर पड़ी फिल्म?
- वीएफएक्स और एक्शन की कमी: अगर आप मार्वल (Marvel) या ‘क्रिश’ जैसी हाई-बजट वीएफएक्स, वीएफएक्स-लोडेड एक्शन और भारी-भरकम विजुअल इफेक्ट्स की उम्मीद लेकर जा रहे हैं, तो यह फिल्म आपको निराश कर सकती है। फिल्म का ट्रीटमेंट काफी देसी और कॉमिक-बुक स्टाइल का है।
- कमजोर वीएफएक्स: एलियंस और अंतरिक्ष के दृश्यों में इस्तेमाल किया गया वीएफएक्स काफी औसत है, जो बड़ों को थोड़ा बचकाना (Spoofy) लग सकता है।
- धीमी स्क्रिप्ट: फिल्म का स्क्रीनप्ले बीच-बीच में थोड़ा खिंचा हुआ और बिखरा हुआ महसूस होता है, जिससे फिल्म की रफ्तार धीमी हो जाती है।
देखें या नहीं?
‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’ एक ऐसी फिल्म है जो बॉलीवुड के उस दौर की याद दिलाती है जब बच्चों के लिए खास फिल्में बनाई जाती थीं। इसमें सस्पेंस, एंटरटेनमेंट और अंत में एक बेहद खूबसूरत सीख है। बच्चों के मनोरंजन और पारिवारिक समय बिताने के लिए यह एक परफेक्ट फिल्म है।


