अल नीनो और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के चलते वर्तमान में केवल भारत ही नहीं, बल्कि एशिया से लेकर पूरे यूरोप तक रिकॉर्डतोड़ गर्मी और भीषण लू (Heatwave) का प्रकोप देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जो गर्मी आमतौर पर जून या जुलाई के महीनों में देखने को मिलती थी, वह इस बार मई महीने में ही सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर रही है।
पश्चिमी यूरोप में उत्तर अफ़्रीका से आ रही गर्म हवाओं के एक उच्च दबाव क्षेत्र के नीचे फंसने के कारण ‘हीट डोम’ (Heat Dome) की स्थिति बन गई है, जिससे तापमान सामान्य से 12°C से 13°C ऊपर चला गया है।
यूरोप के प्रमुख देशों में तापमान का हाल
यूरोप के कई अपेक्षाकृत ठंडे रहने वाले देशों में इस समय ऐतिहासिक गर्मी दर्ज की जा रही है:
- ब्रिटेन (UK): लंदन के ‘क्यू गार्डन्स’ में सोमवार को मई महीने का अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जहां पारा 34.8°C तक पहुंच गया। यहां मई में औसत तापमान 17°C से 18°C के आसपास रहता है।
- फ्रांस: देश के 350 से अधिक मौसम केंद्रों पर मई महीने के सर्वकालिक रिकॉर्ड टूट गए हैं। दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस के होसेगोर (Hossegor) में अधिकतम तापमान 37.1°C रिकॉर्ड किया गया, जबकि राजधानी पेरिस में तापमान 31.9°C दर्ज हुआ।
- स्पेन: स्पेन के अधिकांश हिस्सों में तापमान असाधारण रूप से ऊपर चल रहा है। मौसम विभाग (Aemet) के अनुसार, इस सप्ताह के अंत तक दक्षिण-पश्चिम इलाकों में तापमान 36°C से 38°C (कुछ हिस्सों में 40°C तक) पहुंचने की चेतावनी है, जिसके साथ ‘उष्णकटिबंधीय रातें’ (Tropical Nights) भी लोगों को परेशान करेंगी।
- आयरलैंड: यहां भी मई के लिहाज से रिकॉर्डतोड़ 28.8°C तापमान दर्ज किया गया है।
- इटली: रोम सहित लाजियो क्षेत्र में भीषण गर्मी के कारण दोपहर 12:30 से शाम 4:00 बजे के बीच धूप में खुले में काम करने (Outdoor Work) पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
एशिया और अन्य देशों की स्थिति
यूरोप के साथ-साथ एशियाई और लैटिन अमेरिकी देशों में भी सूरज का सितम जारी है:
- पाकिस्तान: पाकिस्तान के सिंध और पंजाब प्रांतों के कई इलाकों में पारा 50°C के बेहद करीब पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है।
- वियतनाम: दक्षिण-पूर्वी एशिया के इस देश में तापमान 39°C से 40°C तक बना हुआ है। मौसम विभाग ने जंगलों में आग लगने और डिहाइड्रेशन को लेकर अलर्ट जारी किया है।
- चीन: उत्तरी और मध्य चीन के कई हिस्सों में मई के सारे पुराने रिकॉर्ड टूट रहे हैं।
- मेक्सिको: लगातार आ रही हीटवेव के चलते कई राज्यों में भीषण गर्मी के कारण मौतों की खबरें भी सामने आई हैं।
विशेषज्ञों की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानव-जनित वैश्विक तापमान वृद्धि (Global Warming) के कारण ये हीटवेव अब पहले की तुलना में 10 गुना अधिक बार आ रही हैं और आने वाले समय में यह चरम मौसम ही दुनिया का ‘नया सामान्य’ (New Norm) बन सकता है।


