पंजाब के पटियाला जिले से एक हैरान करने वाला और बेहद भावुक मामला सामने आया है, जिसने 26 साल पुराने एक गहरे जख्म को हरा कर दिया है। साल 2000 में भाखड़ा मुख्य नहर में डूबी एक मारुति वैन कार को आखिरकार 26 साल बाद नहर से बाहर निकाल लिया गया है। इस कार के मिलने के बाद उस बदनसीब परिवार का दर्द एक बार फिर ताजा हो गया है, जिसने इस हादसे में अपने आठ सदस्यों को हमेशा के लिए खो दिया था।
क्या है 26 साल पुरानी दुखद घटना?
यह दर्दनाक हादसा 15 फरवरी 2000 को पटियाला के पास पसियाना पुल के पास हुआ था। पटियाला के दशमेश नगर का रहने वाला गर्ग परिवार सुनाम से एक शादी समारोह में शामिल होकर मारुति वैन से वापस लौट रहा था। घने कोहरे और खराब दृश्यता के कारण कार अनियंत्रित होकर सीधे भाखड़ा मुख्य नहर में जा गिरी। कार में कुल 9 लोग सवार थे, जिनमें से केवल एक व्यक्ति (भूषण कुमार गर्ग) तैरकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा, जबकि परिवार के बाकी 8 सदस्य नहर के तेज बहाव में बह गए।
गोताखोरों की टीम को मिली बड़ी सफलता
लंबे समय से इस नहर में डूबे वाहनों को निकालने के अभियान में जुटी स्थानीय गोताखोरों की एक टीम को पसियाना पुल के पास नहर के तल में एक गाड़ी फंसी होने के संकेत मिले। क्रेन और भारी मशीनरी की मदद से जब इस गाड़ी को बाहर निकाला गया, तो यह वही मारुति वैन (नंबर- PB 11 H 8003) निकली जो 26 साल पहले गायब हुई थी। इतने वर्षों तक पानी के भीतर रहने के कारण कार का ढांचा पूरी तरह गल चुका है और वह मलबे में तब्दील हो चुकी है।
अस्थियों के अवशेष और परिजनों की तसल्ली
हादसे के समय केवल तीन शव ही बरामद हो पाए थे, जबकि पांच सदस्यों का कभी कोई सुराग नहीं मिला था। अब कार के भीतर से कुछ मानव अस्थियों के अवशेष और कपड़े बरामद हुए हैं। इस घटना की सूचना मिलते ही हादसे में जीवित बचे भूषण कुमार गर्ग और उनके रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। भूषण कुमार ने रुंधे गले से बताया कि इतने वर्षों बाद कार और अस्थियों का मिलना उनके लिए बेहद भावुक क्षण है।


