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    पेट्रोल-डीजल के दामों में फिर लगी आग, एक हफ्ते में दूसरी बार इतने बढ़े दाम

    देश में बढ़ती महंगाई के बीच आम जनता को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने मंगलवार (19 मई 2026) को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। एक हफ्ते के भीतर ईंधन के दामों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले बीते शुक्रवार को भी तेल कंपनियों ने कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर का भारी इजाफा किया था। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी से देश के मध्यम वर्ग और वाहन चालकों की जेब पर बोझ काफी बढ़ गया है।


    प्रमुख महानगरों में आज के नए दाम

    इस ताजा बढ़ोतरी के बाद देश के चारों प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई हैं:

    • नई दिल्ली: दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 87 पैसे बढ़कर ₹98.64 प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 91 पैसे की बढ़ोतरी के साथ ₹91.58 प्रति लीटर पर पहुंच गया है।
    • मुंबई: आर्थिक राजधानी मुंबई में ईंधन के दाम सबसे ऊंचे स्तरों में से एक हैं। यहाँ पेट्रोल 91 पैसे महंगा होकर ₹107.59 प्रति लीटर और डीजल 94 पैसे बढ़कर ₹94.08 प्रति लीटर बिक रहा है।
    • कोलकाता: कोलकाता में पेट्रोल पर 96 पैसे की सबसे बड़ी वृद्धि देखी गई, जिससे इसकी कीमत ₹109.70 प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल 94 पैसे बढ़कर ₹96.07 प्रति लीटर पर आ गया है।
    • चेन्नई: चेन्नई में पेट्रोल 82 पैसे बढ़कर ₹104.49 प्रति लीटर और डीजल 86 पैसे की बढ़ोतरी के साथ ₹96.11 प्रति लीटर पर बिक रहा है।

    दाम बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?

    विशेषज्ञों और उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ईंधन की कीमतों में इस अचानक उछाल के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं:

    1. वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव: फरवरी के अंत से पश्चिम एशिया (विशेषकर अमेरिका-इजरायल-इरान संघर्ष) में बढ़े तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (कच्चा तेल) की कीमतें लगातार तेज बनी हुई हैं।
    2. तेल कंपनियों का घाटा: लंबे समय तक खुदरा कीमतों में बदलाव न होने के कारण सरकारी तेल विपणन कंपनियों को कच्चे तेल के आयात पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। इस घाटे की भरपाई के लिए अब धीरे-धीरे कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।

    आम जनता और बाजार पर असर

    डीजल की कीमतों में इजाफे का सीधा असर माल ढुलाई और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट पर पड़ेगा। इसके चलते आने वाले दिनों में फल, हरी सब्जियां, दूध, राशन और अन्य रोजमर्रा के जरूरी सामानों की कीमतों में 5% तक की बढ़ोतरी होने की आशंका जताई जा रही है।

    ईंधन के लगातार महंगे होने से ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी ग्राहकों का रुझान बड़ी पेट्रोल कारों के बजाय माइलेज वाली हाइब्रिड गाड़ियों, सीएनजी (CNG) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए महंगाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है।

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