अमेरिका और ईरान के बीच गहराता सैन्य और राजनीतिक टकराव एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की संसद में एक ऐसा विधेयक (विस्तृत प्रस्ताव) तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या करने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन को 50 मिलियन यूरो (करीब 558 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम इनाम दिया जाएगा। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के अध्यक्ष इब्राहिम अजीज़ी ने खुद सरकारी टेलीविजन पर इस अभूतपूर्व और विवादित कदम की पुष्टि की है।
‘सैन्य बलों की जवाबी कार्रवाई’ के तहत कानून बनाने की तैयारी
इब्राहिम अजीज़ी ने सरकारी मीडिया को बताया कि संसद के भीतर “सैन्य और सुरक्षा बलों द्वारा जवाबी कार्रवाई” नामक एक व्यापक योजना का खाका तैयार किया जा रहा है। इस विधेयक के मसौदे में यह प्रावधान अनिवार्य किया जा रहा है कि यदि कोई भी ‘प्राकृतिक या कानूनी व्यक्ति’ (Natural or Legal Person) इस धार्मिक और वैचारिक मिशन को पूरा करता है, तो ईरान सरकार कानूनी रूप से उसे ₹558 करोड़ की इनामी राशि का भुगतान करने के लिए बाध्य होगी। +1
अजीज़ी ने अपने बयान में बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “हमारा मानना है कि अमेरिका के नीच राष्ट्रपति, इजरायल के बदनाम प्रधानमंत्री (बेंजामिन नेतन्याहू), और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर को सीधे तौर पर निशाना बनाया जाना चाहिए और उनके खिलाफ ऐसी ही जवाबी कार्रवाई होनी चाहिए। यह हमारा संप्रभु अधिकार है।”
हत्या के पीछे का कारण: बदला लेने की जिद
ईरान के वरिष्ठ सांसद ने साफ किया कि यह इनाम ईरान के शीर्ष नेतृत्व और सैन्य कमांडरों की मौत का बदला लेने के लिए घोषित किया जा रहा है। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता की ओर इशारा करते हुए कहा कि जिस तरह हमारे इमाम को निशाना बनाया गया, उसी तरह दुनिया के किसी भी मुस्लिम या स्वतंत्र नागरिक द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ भी वैसा ही न्याय किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि ट्रंपईरानी कुड्स फोर्स के कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या के आदेश के बाद से ही लगातार ईरान के निशाने पर रहे हैं।
ईरान में पहले से चल रहा है ऑनलाइन अभियान
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप के खिलाफ इस तरह की वित्तीय घोषणा की गई है। इससे पहले मार्च के महीने में भी ईरान के भीतर मोबाइल उपभोक्ताओं को एक बड़े पैमाने पर संदेश (Mass SMS) भेजा गया था, जिसमें ‘ट्रंप की हत्या के लिए अंतरराष्ट्रीय अभियान’ को वित्तीय सहयोग देने की अपील की गई थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस अभियान को करीब 2 लाख 90 हजार लोगों का समर्थन मिला था और कुल 25 मिलियन डॉलर का फंड जुटाने का दावा किया गया था।
इसके अलावा ‘हंडाला’ (Handala) नाम के एक हैकर समूह ने भी अमेरिकी न्याय विभाग के प्रतिबंधों के जवाब में डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली अधिकारियों को खत्म करने के लिए क्रिप्टोकरेंसी और एन्क्रिप्टेड माध्यमों से 50 मिलियन डॉलर का इनाम देने की बात कही थी। अब ईरान की संसद इस पूरे अभियान को एक आधिकारिक और सरकारी कानूनी जामा पहनाने की तैयारी कर रही है, जिसने पश्चिम एशिया के पूरे कूटनीतिक माहौल को गरमा दिया है।


