तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया के बीच AMMK (अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम) प्रमुख टीटीबी दिनाकरण और विजय की पार्टी TVK (तमिलगा वेत्री कड़गम) के बीच विवाद गहरा गया है। दिनाकरण ने टीवीके पर राज्यपाल को “फर्जी समर्थन पत्र” सौंपने का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस और राज्यपाल के पास शिकायत दर्ज कराई है।
विवाद का मुख्य कारण
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में खंडित जनादेश के बाद, विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। बहुमत के लिए 118 का आंकड़ा चाहिए, जिसके लिए टीवीके अन्य दलों का समर्थन जुटा रही है।
- दिनाकरण का आरोप: दिनाकरण का दावा है कि टीवीके ने राज्यपाल को एक फर्जी फोटोकॉपी सौंपी है, जिसमें मन्नारगुड़ी से एएमएमके के इकलौते विधायक एस. कामराज के समर्थन का दावा किया गया है। उन्होंने इसे ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ और ‘जालसाजी’ का प्रयास बताया।
- फर्जी पत्र का दावा: दिनाकरण के अनुसार, राज्यपाल ने जब समर्थन पत्र की मूल प्रति (Original) मांगी, तो टीवीके के प्रतिनिधि यह कहकर चले गए कि वे इसे बाद में लाएंगे।
टीवीके का पलटवार: ‘वीडियो’ जारी किया
इन आरोपों के जवाब में विजय की पार्टी टीवीके ने एक वीडियो जारी किया है।
- दावा: वीडियो में विधायक एस. कामराज को अपनी मर्जी से समर्थन पत्र लिखते और हस्ताक्षर करते हुए दिखाया गया है। टीवीके का कहना है कि कामराज ने दिनाकरण की सहमति से ही समर्थन दिया था।
- एआई का आरोप: दिनाकरण ने इस वीडियो को ‘एआई-जनरेटेड’ (Deepfake) बताते हुए इसकी सत्यता पर सवाल उठाए हैं और मांग की है कि टीवीके मूल पत्र और वीडियो राज्यपाल को सौंपे।
राजनीतिक समीकरण
तमिलनाडु में फिलहाल कोई भी दल स्पष्ट बहुमत में नहीं है:
- टीवीके गठबंधन: कांग्रेस (5), सीपीआई (2) और सीपीआई (एम) (2) ने विजय को समर्थन दिया है। यदि VCK (2 सीटें) भी समर्थन देती है, तो विजय का आंकड़ा 119 तक पहुंच जाएगा, जो बहुमत (118) से ऊपर है।
- एएमएमके का रुख: दिनाकरण ने स्पष्ट किया है कि उनके विधायक एनडीए और एआईएडीएमके गठबंधन के साथ हैं और उन्होंने ई. पलानीस्वामी (EPS) को मुख्यमंत्री के रूप में समर्थन दिया है।
राज्यपाल आर. एन. रवि ने फिलहाल किसी को भी सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया है और वे आंकड़ों की गहन जांच कर रहे हैं। इस बीच, हॉर्स ट्रेडिंग के डर से कांग्रेस ने अपने विधायकों को हैदराबाद शिफ्ट कर दिया है।


