ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। ईरानी नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल शहरम ईरानी (Shahram Irani) ने अमेरिका और इजरायल को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए एक “नए और रहस्यमयी” हथियार के इस्तेमाल की धमकी दी है। इस बयान के बाद खाड़ी क्षेत्र (Middle East) में युद्ध की आहट और तेज हो गई है। यहाँ इस घटनाक्रम के मुख्य बिंदु दिए गए हैं:
“हार्ट अटैक” वाली धमकी
ईरानी कमांडर शहरम ईरानी ने सरकारी टीवी पर दिए अपने संबोधन में कहा कि ईरान के पास एक ऐसा नया हथियार है जिससे दुश्मन (अमेरिका और इजरायल) “गहराई से डरते” हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “यह हथियार उनके बिल्कुल बगल में है… मुझे उम्मीद है कि इसे देखकर उन्हें हार्ट अटैक नहीं आएगा।”
कमांडर ने इस हथियार के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन संकेत दिया कि यह बहुत जल्द उनके सामने होगा।
ट्रंप के दावों का उड़ाया मजाक
ईरानी नौसेना प्रमुख ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को “मजाक” बताया जिनमें उन्होंने कहा था कि ईरान की सैन्य शक्ति को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। ईरानी कमांडर ने कहा कि अमेरिका ने सोचा था कि वह एक हफ्ते में ईरान को झुका देगा, लेकिन यह धारणा अब सैन्य अकादमियों में एक लतीफा बन चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरानी सेना “शहीदों का बदला” लेने के लिए अपने खून की आखिरी बूंद तक एकजुट है।
तनाव का कारण: होर्मुज की नाकेबंदी
यह धमकी ट्रंप द्वारा ईरान के एक प्रस्ताव को खारिज करने के बाद आई है। ईरान ने परमाणु वार्ता को टालने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को टैंकरों के लिए खोलने का प्रस्ताव दिया था, बशर्ते अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटा ले। ट्रंप ने इस प्रस्ताव को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि बिना परमाणु हथियारों को छोड़े कोई डील नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के तेल और गैस पाइपलाइन जल्द ही “धमाकों” का शिकार हो सकते हैं।
क्या हो सकता है वह ‘नया हथियार’?
रक्षा विशेषज्ञों के बीच इस नए हथियार को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं:
- सुपरसोनिक या हाइपरसोनिक मिसाइलें: जो अमेरिकी युद्धपोतों के एयर डिफेंस को भेद सकें।
- अंडरवाटर ड्रोन (UUVs): जो समुद्र के भीतर अदृश्य रहकर हमला कर सकें।
- साइबर या ई-बम: जो संचार प्रणालियों को पूरी तरह ठप कर दें।
- केमिकल या बायोलॉजिकल वेपन: जिसकी आशंका हालिया रिपोर्टों में जताई गई थी।
प्रभाव और चेतावनी
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने भी चेतावनी दी है कि अमेरिका की “बेकार सलाह” और सैन्य दबाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच सकती हैं। फिलहाल, होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला व्यापार पूरी तरह ठप है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट गहरा गया है।


