आम आदमी पार्टी (AAP) से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने वाले राघव चड्ढा ने एक नया वीडियो जारी कर पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस वीडियो में उन्होंने ‘आप’ के अंदरूनी कामकाजी माहौल को ‘जहरीला’ करार दिया है।
वीडियो के मुख्य बिंदु: “भ्रष्ट लोगों का कब्जा”
राघव चड्ढा ने वीडियो में सीधे तौर पर पार्टी की वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष किया है:
- भ्रष्ट नेतृत्व: चड्ढा ने आरोप लगाया कि जिस पार्टी का जन्म भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से हुआ था, वह आज “चंद भ्रष्ट और समझौतावादी लोगों” के हाथों में सिमट गई है।
- जहरीला माहौल: उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर का माहौल अब काम करने लायक नहीं रहा और यह ‘जहरीला’ (Toxic) हो चुका है, जहाँ निष्ठावान कार्यकर्ताओं की आवाज दबाई जा रही है।
- सिद्धांतों से भटकाव: उन्होंने दावा किया कि वे पिछले एक साल से पार्टी के घटनाक्रमों से खुद को दूर कर रहे थे क्योंकि वे इन “गलत कामों” का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे।
7 सांसदों का सामूहिक दलबदल
यह वीडियो उस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद आया है जिसमें राघव चड्ढा के नेतृत्व में ‘आप’ के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने भाजपा में विलय का फैसला किया।
- संवैधानिक प्रावधान: चड्ढा ने स्पष्ट किया कि दो-तिहाई बहुमत (7/10) होने के कारण वे ‘दलबदल विरोधी कानून’ के तहत अयोग्य घोषित नहीं होंगे और उनकी सदस्यता बरकरार रहेगी।
- शामिल होने वाले अन्य नाम: उनके साथ संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रमजीत सिंह साहनी और राजिंदर गुप्ता ने भी पाला बदला है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
- अरविंद केजरीवाल: ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने इसे पंजाब और पंजाबियों के साथ “धोखा” बताया है।
- संजय सिंह: उन्होंने इसे भाजपा का ‘ऑपरेशन लोटस’ करार देते हुए राज्यसभा सभापति से इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है।
- भाजपा का रुख: भाजपा ने इन नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि ये नेता प्रधानमंत्री मोदी के विकास कार्यों और ‘राष्ट्र प्रथम’ की नीति से प्रभावित होकर आए हैं।
राघव चड्ढा का यह वीडियो और “जहरीला माहौल” वाला बयान आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती है। पंजाब से आने वाले इन दिग्गजों के जाने से न केवल राज्यसभा में ‘आप’ की ताकत आधी रह गई है, बल्कि पार्टी की ‘ईमानदार राजनीति’ वाली छवि पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।


