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    संघर्ष विराम 3 सप्ताह के लिए बढ़ाया, लेबनान की मदद और ईरानी प्रभाव पर यह बोले ट्रंप

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल और लेबनान के बीच जारी संघर्ष विराम (Ceasefire) को अतिरिक्त तीन सप्ताह के लिए बढ़ाने की घोषणा की है। व्हाइट हाउस में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

    मुख्य बिंदु: शांति की ओर एक और कदम

    • अवधि में विस्तार: इससे पहले दोनों देशों के बीच 10 दिनों का प्रारंभिक संघर्ष विराम हुआ था, जो इस सप्ताह समाप्त होने वाला था। अब इसे 17 मई, 2026 तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
    • व्हाइट हाउस में बैठक: ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी दी कि वाशिंगटन में इस्राइली और लेबनानी राजदूतों के साथ हुई बैठक “बहुत सफल” रही। बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी मौजूद थे।
    • हिजबुल्लाह पर नियंत्रण: ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका लेबनान की मदद करेगा ताकि वह हिजबुल्लाह जैसे आतंकी संगठनों से अपनी रक्षा कर सके। उन्होंने कहा कि लेबनान को ईरानी प्रभाव और हिजबुल्लाह के कब्जे से मुक्त कराकर एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र बनाना प्राथमिकता है।

    संघर्ष विराम की अहमियत

    यह समझौता ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व (West Asia) में तनाव चरम पर है।

    • ऐतिहासिक संवाद: पिछले 30 वर्षों में यह पहली बार है जब इस्राइल और लेबनान के बीच इस स्तर की औपचारिक और सीधी बातचीत हो रही है।
    • स्थायी शांति की उम्मीद: राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि इस तीन सप्ताह की अवधि के दौरान वह इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन के साथ व्यक्तिगत मुलाकात कर सकते हैं, ताकि एक स्थायी शांति समझौते पर मुहर लगाई जा सके।

    चुनौतियां और जमीनी हकीकत

    भले ही वाशिंगटन में संघर्ष विराम के विस्तार का जश्न मनाया जा रहा हो, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अभी भी नाजुक है:

    • उल्लंघन के आरोप: पिछले कुछ दिनों में इस्राइली सेना और हिजबुल्लाह ने एक-दूसरे पर संघर्ष विराम के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। हिजबुल्लाह ने उत्तरी इस्राइल पर रॉकेट दागे हैं, जबकि इस्राइल ने लेबनान में मिसाइल लॉन्चर्स को निशाना बनाया है।
    • नेतन्याहू पर दबाव: इस्राइल के भीतर प्रधानमंत्री नेतन्याहू को इस संघर्ष विराम के लिए राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि कुछ गुट हिजबुल्लाह के पूर्ण खात्मे तक युद्ध जारी रखने के पक्ष में हैं।

    निष्कर्ष: ट्रंप प्रशासन इस समझौते को अपनी एक बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देख रहा है। यदि यह तीन सप्ताह का विस्तार सफल रहता है, तो इस साल के अंत तक इस्राइल और लेबनान के बीच एक पूर्ण शांति संधि की संभावना प्रबल हो जाएगी।

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