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    चुनाव आयोग पहुंची भाजपा: खरगे के PM को ‘आतंकवादी’ कहने पर कड़ी कार्रवाई की मांग

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। भाजपा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज (22 अप्रैल 2026) निर्वाचन आयोग (ECI) पहुंचा और खड़गे के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई।


    विवाद की जड़: क्या कहा था खड़गे ने?

    यह विवाद खड़गे के उस बयान से शुरू हुआ जो उन्होंने हाल ही में चेन्नई में उन्होंने भाजपा और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के गठबंधन पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी के लिए ‘आतंकवादी’ (Terrorist) शब्द का इस्तेमाल किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका मतलब ‘आतंकित करने वाला’ (Terrorising) था, लेकिन तब तक राजनीतिक माहौल गर्मा चुका था।


    भाजपा की शिकायत के मुख्य बिंदु

    भाजपा ने चुनाव आयोग को सौंपे अपने ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें और आरोप रखे हैं:

    1. आचार संहिता का उल्लंघन: भाजपा ने तर्क दिया कि खड़गे का बयान ‘आदर्श आचार संहिता’ (MCC) का घोर उल्लंघन है, जो नेताओं को व्यक्तिगत हमले और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल से रोकता है।
    2. लोकतांत्रिक गरिमा को ठेस: प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग करना न केवल पद की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि यह लोकतांत्रिक विमर्श के स्तर को भी गिराता है।
    3. कड़ी कार्रवाई की मांग: भाजपा ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि खड़गे को चुनाव प्रचार से प्रतिबंधित किया जाए और कांग्रेस पार्टी को इस तरह की भाषा के लिए फटकार लगाई जाए।

    कांग्रेस का रुख

    दूसरी ओर, कांग्रेस ने इसे भाजपा की ‘ध्यान भटकाने वाली राजनीति’ करार दिया है। पार्टी का कहना है कि खड़गे ने केवल भाजपा सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों (ED, CBI) के ‘आतंक’ की बात की थी। कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि उनके नेता भी अक्सर विपक्षी नेताओं के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं।


    2026 के विधानसभा चुनावों के बीच यह कानूनी और राजनीतिक लड़ाई और तेज होने की उम्मीद है। अब सभी की निगाहें निर्वाचन आयोग पर टिकी हैं कि वह इस शिकायत पर क्या रुख अपनाता है। क्या खड़गे को नोटिस जारी किया जाएगा या उन्हें प्रचार से रोका जाएगा? इसका फैसला आने वाले कुछ दिनों में चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

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