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    अमेरिकी ने जहाज जब्त किया तो भड़का ईरान, होर्मुज को फिर से बंद करने की धमकी

    होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में 7% तक का भारी उछाल देखा गया है।

    इस संकट की मुख्य वजह अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरान के एक मालवाहक जहाज ‘तूस्का’ (Touska) को जब्त करना और तेहरान द्वारा होर्मुज मार्ग को फिर से बंद करने की धमकी देना है।


    मुख्य घटनाक्रम और तेल कीमतों पर असर

    • कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि: सोमवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमत बढ़कर लगभग $96.25 प्रति बैरल हो गई, जबकि अमेरिकी क्रूड (WTI) $88 के पार पहुंच गया। गौरतलब है कि शुक्रवार को ईरान द्वारा मार्ग खोलने के संकेतों के बाद कीमतों में 9% की गिरावट आई थी, लेकिन ताजा तनाव ने उन सभी सुधारों को खत्म कर दिया है।
    • अमेरिकी कार्रवाई: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि अमेरिकी गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS Spruance ने ईरानी जहाज ‘तूस्का’ को ओमान की खाड़ी में रोका। चेतावनी के बाद भी न रुकने पर जहाज के इंजन रूम पर फायरिंग कर उसे अक्षम कर दिया गया और अमेरिकी मरीन ने उसे अपने कब्जे में ले लिया।
    • ईरान की प्रतिक्रिया: तेहरान ने इस कार्रवाई को “समुद्री डकैती” (Armed Piracy) करार दिया है। ईरान के सैन्य कमांड ने जवाबी कार्रवाई की कसम खाई है और स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिका अपनी घेराबंदी (Blockade) खत्म नहीं करता, होर्मुज जलडमरूमध्य से यातायात बाधित रहेगा।

    वैश्विक संकट और कूटनीति

    होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहाँ से दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल गुजरता है। वर्तमान स्थिति ने वैश्विक ऊर्जा संकट को और गहरा कर दिया है:

    1. वार्ता पर संकट: पाकिस्तान में होने वाली प्रस्तावित शांति वार्ता अब अधर में लटक गई है। ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी के विरोध में बातचीत में शामिल होने से इनकार कर दिया है।
    2. सीजफायर का उल्लंघन: दोनों देशों के बीच चल रहा दो सप्ताह का अस्थायी युद्धविराम बुधवार को समाप्त होने वाला है। ताजा झड़पों ने पूर्ण युद्ध की आशंका बढ़ा दी है।
    3. महंगाई का डर: अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने चेतावनी दी है कि जब तक यह मार्ग पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता, ईंधन की कीमतें कम होना मुश्किल है। अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत पहले ही $4.05 प्रति गैलन तक पहुंच गई है।

    वर्तमान में सैकड़ों टैंकर होर्मुज के दोनों ओर फंसे हुए हैं। यदि यह तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल के स्तर को भी पार कर सकती हैं।

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