उत्तर-पश्चिम भारत में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से पहाड़ों पर जहां बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है, वहीं मैदानी इलाकों में तेज हवाओं और छिटपुट बारिश ने गर्मी के तेवर थोड़े ढीले किए हैं। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में स्थिति ‘नरम-गरम’ बनी हुई है।
पहाड़ों पर हिमपात और मैदानों में बारिश
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है:
- हिमाचल और उत्तराखंड: ऊंची चोटियों जैसे केदारनाथ, बद्रीनाथ और अटल टनल के आसपास हिमपात हुआ है, जिससे तापमान में गिरावट आई है।
- मैदानी राज्य: पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश और धूलभरी आंधी चली है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी खबरें हैं, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
दिल्ली-एनसीआर: कभी धूप, कभी बादल
देश की राजधानी और आसपास के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में मौसम का मिजाज मिला-जुला बना हुआ है:
- तापमान का उतार-चढ़ाव: दोपहर के समय तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान 39°C से 41°C के बीच बना हुआ है, जिससे गर्मी का अहसास हो रहा है।
- शाम की राहत: पश्चिमी विक्षोभ के असर से शाम के समय चलने वाली ठंडी हवाओं और आंशिक रूप से बादल छाने के कारण रातों में थोड़ी नरमी महसूस की जा रही है।
- अगले 24 से 48 घंटों में दिल्ली-एनसीआर में हल्की बूंदाबांदी या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है, जिससे बढ़ते पारे पर अस्थायी लगाम लग सकती है।
प्रमुख मौसम संबंधी आंकड़े
| क्षेत्र | मौसम की स्थिति | अनुमानित तापमान (अधिकतम) |
|---|---|---|
| दिल्ली-एनसीआर | आंशिक बादल / गरम हवाएं | 40°C – 41°C |
| पहाड़ी क्षेत्र | हिमपात / बारिश | 15°C – 22°C |
| राजस्थान | लू (Heatwave) / आंधी | 42°C – 45°C |
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव अस्थायी है। पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होते ही अप्रैल के अंत तक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप बढ़ने की पूरी संभावना है। फिलहाल, पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


