असम विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच एक बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आई है। असम पुलिस ने दिल्ली पुलिस के सहयोग से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मीडिया विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर छापेमारी की है।
छापेमारी और दिल्ली पुलिस की मौजूदगी
असम पुलिस की एक टीम अचानक पवन खेड़ा के दिल्ली आवास पर पहुँची। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद रहे। छापेमारी की खबर मिलते ही कई कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक उनके आवास के बाहर जमा होने लगे, जिससे इलाके में भारी गहमागहमी का माहौल बन गया।
विवाद की वजह: पासपोर्ट से जुड़ा मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह छापेमारी असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी, रिनिकी भुइयां सरमा से जुड़े एक विवाद के सिलसिले में की गई है। पवन खेड़ा पर आरोप है कि उन्होंने एक हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रिनिकी भुइयां सरमा के पासपोर्ट विवरण और नागरिकता को लेकर कुछ संवेदनशील दावे किए थे। असम के गुवाहाटी में इस मामले को लेकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी, जिसके आधार पर असम पुलिस ने दिल्ली आकर यह तलाशी और पूछताछ की कार्रवाई की है।
असम चुनाव 2026 और राजनीति
यह छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब असम में विधानसभा चुनाव का माहौल चरम पर है। कांग्रेस पार्टी ने इस कार्रवाई को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव के दौरान विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी की निजी जानकारी के साथ खिलवाड़ या मानहानि करने पर कानूनी कार्रवाई होना अनिवार्य है।
पुराना इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब पवन खेड़ा को असम पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले 2023 में भी प्रधानमंत्री पर की गई एक टिप्पणी के मामले में उन्हें दिल्ली हवाई अड्डे पर विमान से उतारकर गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत दी थी।
पवन खेड़ा के आवास पर तलाशी अभी भी जारी है और पुलिस कुछ डिजिटल सबूतों और दस्तावेजों की जांच कर रही है। कांग्रेस की कानूनी टीम भी मौके पर पहुँच चुकी है।


